चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। जराइकेला थाना क्षेत्र के कोलबोंगा इलाके में सुबह करीब नौ बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगी, जिससे पूरा क्षेत्र दहल उठा।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह के समय अचानक तेज गोलियों की आवाज सुनाई देने लगी। कुछ ही देर में लगातार फायरिंग होने लगी, जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दे रही थी। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि आसपास के गांवों के लोग डर के मारे अपने-अपने घरों में दुबक गए।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को सारंडा के जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान कोलबोंगा के पास जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी शुरू हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों को हवाई सहायता भी दी गई। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर की मदद से भी नक्सलियों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे को लेकर 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। इसी को देखते हुए झारखंड के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन और कॉम्बिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
सारंडा जंगल कभी नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता था। बचे हुए नक्सलियों के सफाए के लिए सुरक्षाबल अंतिम और निर्णायक कार्रवाई में जुटे हुए हैं। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और आसपास के क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल में छिपे नक्सलियों को पकड़ने या खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।














