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सारंडा: एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और सुरक्षा बलों की भीषण मुठभेड़,पांच जवान घायल,कई नक्सली ढेर!

On: April 15, 2026 8:26 PM
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चाईबासा: सारंडा के जंगलों में एक बार फिर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ की खबर आ रही है। इस मुठभेड़ में बताया जा रहा है कि एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में पांच जवानों के घायल होने की बात बताई जा रही है। जिन्हें एयर लिफ्ट कर रांची भेजा गया है। वहीं कुछ नक्सलियों के भी ढे़र होने की खबर आ रही है। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चाईबासा के सारंडा वन क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित नक्सली संगठन के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हुई. पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मारंग पोंगा और बालिबा गांव के बीच स्थित घने जंगलों में बुधवार (15 अप्रैल) सुबह करीब 10 बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ कैंप शिफ्ट करने की फिराक में है. इसी सूचना के आधार पर कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम ने इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया था.

जंगल के भीतरी हिस्से में जब जवानों ने नक्सलियों की घेराबंदी शुरू की तो माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों पर भारी पड़े.

सूत्रों के मुताबिक, जवानों की ओर से की गई सटीक फायरिंग में चार नक्सली ढेर हो गए हैं, जबकि कई अन्य के घायल होने की संभावना है. हालांकि, घने जंगल और दुर्गम रास्तों के कारण पुलिस ने अभी तक शवों की बरामदगी और आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

बताया जा रहा है कि इस दस्ते में मिसिर बेसरा के साथ-साथ मोछू, सागेन अंगारिया और अश्विन जैसे कुख्यात नक्सली भी मौजूद थे. मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है. घायल कोबरा जवान की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए चाईबासा से रांची शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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