चतरा: चतरा जिले में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र के पोस्तिया गांव में चल रही एक अवैध मिनी शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री गांव के एक मकान के भीतर गुप्त रूप से संचालित की जा रही थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां नकली शराब बनाकर उसे महंगे ब्रांड के नाम पर बाजार में खपाया जा रहा है। सूचना के आधार पर मंगलवार को संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
कार्रवाई के दौरान कुल 1318 बोतलों में भरी लगभग 567 लीटर नकली शराब जब्त की गई। इन बोतलों पर नामी कंपनियों के फर्जी ढक्कन और स्टिकर लगाए गए थे, जिससे आम लोगों को भ्रमित कर असली शराब के रूप में बेचा जा सके। इसके अलावा मौके से शराब सील करने की मशीन, कच्चा स्प्रिट और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।
इस मामले में पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों अनिल कुमार यादव, बीरबल कुमार और ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में यह सामने आया है कि गिरोह का संचालन दिलीप यादव और मोहन यादव कर रहे थे, जो छापेमारी की भनक लगते ही फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तैयार की जा रही नकली शराब को झारखंड से बिहार की सीमा पार कर ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। आरोपी इसे असली ब्रांड बताकर ग्राहकों को ठगते थे और मोटा मुनाफा कमाते थे। इस धंधे से जुड़े नेटवर्क के तार अन्य जिलों तक भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्पाद अधीक्षक ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के मामलों में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।














