रांची: राज्यभर में जारी तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन के साथ-साथ किसानों की कमर तोड़ दी है। खासकर रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में जलजमाव और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की पकती बालियां झड़ गई हैं, जबकि सब्जी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि मौसम में आई ठंडक से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है।
मौसम विभाग केंद्र, रांची के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान रांची, पाकुड़, सिमडेगा, खूंटी, गुमला, हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा और साहिबगंज सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा पाकुड़ के पकुरिया में 50.6 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि रांची में 4.60 मिमी बारिश हुई। रांची के हिनू और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि देखी गई, वहीं धनबाद में बड़े आकार के ओले गिरने से सड़कों और खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई।
दुमका जिले के दलाही क्षेत्र में ठनका गिरने से 35 वर्षीय कन्हैया राय की मौत हो गई, जबकि उनके पिता गंभीर रूप से झुलस गए। इसके अलावा, दुमका के रामगढ़ में तेज आंधी के कारण एक पेड़ गिर गया, जिससे चार घर क्षतिग्रस्त हो गए। गोड्डा में आंधी, ओलावृष्टि और ठनका की घटनाओं में 11 मवेशियों की भी मौत हो गई।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय स्तर पर बढ़ी गर्मी के कारण मौसम में यह अचानक बदलाव देखने को मिला। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। रविवार से बारिश और ओलावृष्टि में कमी आने की संभावना है, हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
झारखंड में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तबाही, फसलों को भारी नुकसान; आज कैसा रहेगा मौसम?












