नई दिल्ली: जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता रहे केसी त्यागी ने रविवार को अपने बेटे अम्बरीष त्यागी के साथ राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) का दामन थाम लिया। आरएलडी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने दोनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस घटनाक्रम को उत्तर भारतीय राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
केसी त्यागी ने RLD में शामिल होने पर कहा, ‘मैंने अपना राजनीतिक जीवन ही लोक दल से शुरू किया था। ये उसी का स्वरूप है, इसमें कुछ नया नहीं है। जो चौधरी चरण सिंह का बचा हुआ सपना है, उसे पूरा करने में हम मदद करेंगे। जदयू और RLD में कोई फर्क नहीं है। एक दिन ऐसा भी था जब नीतीश कुमार और चौधरी चरण सिंह एक पार्टी बनाने वाले थे। इन दोनों में कोई अंतर नहीं है।’
केसी त्यागी लंबे समय तक जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। वे नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। जदयू में उन्होंने मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
हाल ही में केसी त्यागी ने जदयू से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था। उन्होंने संकेत दिए थे कि वे जल्द ही अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे। अब उनके आरएलडी में शामिल होने से इन अटकलों पर विराम लग गया है।
सूत्रों के अनुसार, त्यागी का यह कदम आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए अहम माना जा रहा है। आरएलडी लगातार अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है और अनुभवी नेताओं को पार्टी में शामिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केसी त्यागी का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ आरएलडी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वहीं, उनके बेटे अम्बरीष त्यागी की एंट्री से पार्टी को युवा नेतृत्व का भी लाभ मिल सकता है।













