नई दिल्ली: घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। सरकार और तेल कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए अब बुकिंग के बीच अनिवार्य अंतराल बढ़ा दिया है। इस नए प्रावधान का उद्देश्य गैस आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
नए नियमों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास केवल एक एलपीजी सिलेंडर है, वे अब पिछली डिलीवरी के 25 दिनों के बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे। वहीं, दो सिलेंडर रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि बढ़ाकर 35 दिन कर दी गई है।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए बुकिंग अंतराल और अधिक निर्धारित किया गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए 45 दिनों का इंतजार करना होगा।
नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई उपभोक्ता निर्धारित समय सीमा से पहले सिलेंडर बुक करने का प्रयास करता है, तो ऑनलाइन या ऑफलाइन सिस्टम उसकी बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा।
छोटे सिलेंडरों के लिए भी अलग-अलग समय सीमा तय की गई है। 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिनों का अंतर अनिवार्य किया गया है, जबकि 10 किलोग्राम सिलेंडर के लिए यह अवधि 18 से 32 दिनों के बीच निर्धारित की गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह समय अंतराल पिछली बुकिंग की तिथि से नहीं, बल्कि सिलेंडर की वास्तविक डिलीवरी की तिथि से गणना की जाएगी।
सरकार और गैस कंपनियों का मानना है कि इन संशोधित नियमों से गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और आपूर्ति को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकेगा। साथ ही, इससे कालाबाजारी और अनावश्यक स्टॉकिंग पर अंकुश लगेगा, जिससे वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी।












