रांची: रामनवमी के अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों में निकाले गए जुलूसों के दौरान कई स्थानों से हिंसा और हादसों की खबरें सामने आई हैं। प्रभावित इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।
हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत गदोखर गांव में रामनवमी जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद अचानक हिंसक हो गया। इस दौरान गदोखर पंचायत के मुखिया के भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव (40) पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक और तनाव व्याप्त है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
दूसरी घटना कोर्रा थाना क्षेत्र के दीपूगढा गोलंबर के पास हुई। यहां कोऑपरेटिव कॉलोनी निवासी और ब्रह्मर्षि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह को चाकू मारकर घायल कर दिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल मुकेश कुमार सिंह को तुरंत आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार मुकेश कुमार सिंह की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
धनबाद जिले के बलियापुर थाना क्षेत्र के भिखराजपुर में जुलूस के दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई। घटना में छह लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में शोभायात्रा के दौरान करतब दिखाने को लेकर युवकों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। इस दौरान वीर कुमार (20) नामक युवक पर तलवार से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, बाद में बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र स्थित खेतको पंचायत में जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यहां सात लोग हाई वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आकर झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
इन घटनाओं के बाद संबंधित जिलों में पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और लगातार गश्त की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, गढ़वा जिले में गुरुवार को रामनवमी की महाअष्टमी के अवसर पर देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घटना रमकंडा थाना क्षेत्र की है, जहां हालात बिगड़ने के बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात से ही जुलूस के मार्ग को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। गुरुवार को दिनभर विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन की निगरानी में जुलूस निकाला गया। हालांकि, शाम के समय जैसे ही जुलूस कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास पहुंचा, दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान मामूली कहासुनी देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गई। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चलाए गए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी कौशल किशोर और एसपी अमन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे काबू में आई।
इस झड़प में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि दोनों पक्षों के कई लोग भी चोटिल हुए हैं। घायलों का उपचार स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। साथ ही, मौके से दर्जनों मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उनकी जगह आरके पटेल को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। इलाके में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।











