लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले की एक विशेष अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह निर्णय शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) संजय कुमार दुबे की अदालत ने सुनाया।
अदालत ने करीमन गंझू (38), मुकेश गंझू (27), सुरेश गंझू (29), पिंटू गंझू (25), बीरेंद्र गंझू (23) और रोहित ओरांव (25) को भारतीय दंड संहिता की धारा 376D (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही हर दोषी पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इसके अतिरिक्त, अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत भी सभी आरोपियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस धारा के अंतर्गत प्रत्येक दोषी पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यदि जुर्माना नहीं चुकाया गया तो एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
घटना का विवरण
यह सनसनीखेज घटना 10 मई 2022 की है, जब पीड़िता नाबालिग थी। वह अपने पिता के साथ चंदवा स्थित अपने घर के पास आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी। तड़के करीब 3 बजे पिता के कहने पर वह अपनी छोटी बहन को सुलाने के लिए घर लौटी। बहन को सुलाने के बाद जब वह पुनः समारोह स्थल पर लौटने के लिए घर का दरवाजा बंद कर रही थी, तभी आरोपियों ने उसे जबरन अगवा कर लिया। इसके बाद उसे पास के एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई।














