पलामू

नहीं रहें पलामू के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विश्वनाथ ओझा

झारखंड वार्ता संवाददाता

मेदिनीनगर (पलामू)। जिले के जाने-माने एवं लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. विश्वनाथ ओझा के निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन से चिकित्सा जगत के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अपूरणीय क्षति हुई है।

डॉ. ओझा लंबे समय से चिकित्सा सेवा से जुड़े थे और अपनी सादगी, अनुभव तथा मरीजों के प्रति समर्पण भाव के लिए विशेष पहचान रखते थे। वे न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय व्यक्तित्व के धनी भी थे।

बताया जाता है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में हजारों मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया और खासकर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे। उनकी इसी सेवा भावना के कारण समाज के हर वर्ग में उनका गहरा सम्मान था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, डॉ. ओझा वर्षों से मेदिनीनगर में चिकित्सा सेवा दे रहे थे। उनकी सटीक इलाज पद्धति और व्यवहार कुशलता के कारण वे लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थे।

उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के लोगों, मरीजों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। शोक व्यक्त करने वालों में पलामू सांसद बीडी राम, विधायक आलोक चौरसिया, महापौर अरुणा शंकर, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, पूर्व सांसद घुरन राम समेत सैकड़ों शुभचिंतकों का नाम शामिल है। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।

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Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।