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‘कॉफी विद एसडीएम’ में आदिवासी समाज से संवाद, जल-जंगल-जमीन समेत कई मुद्दों पर चर्चा

On: April 8, 2026 6:21 PM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

गढ़वा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के तहत आदिवासी समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें गढ़वा, मेराल, मझिआंव, डंडई, रंका सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए उरांव, कोरवा, परहिया, बैगा, चेरो व खरवार समुदाय के लोगों ने भाग लिया।

बैठक में जल, जंगल और जमीन से जुड़े पारंपरिक अधिकार, वनाधिकार पट्टा, लघु वनोपज के उचित मूल्य और स्थानीय आजीविका को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने इन क्षेत्रों में बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता जताई।

इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ। ग्रामीणों ने विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने की जरूरत बताई।

बैठक में नशाखोरी, अंधविश्वास और झाड़-फूंक जैसी कुरीतियों पर भी चिंता जताई गई। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाने का अनुरोध किया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

सांस्कृतिक पहचान को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें सरहुल, करमा जैसे पारंपरिक पर्वों और स्थानीय परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया गया। साथ ही सरकारी योजनाओं—पेंशन, आवास, राशन, मनरेगा व आजीविका मिशन की जमीनी स्थिति और चुनौतियों पर भी बात रखी गई

एसडीएम संजय कुमार ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि आदिवासी समाज का विकास और उनके अधिकारों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस दौरान एसडीएम ने सभी प्रतिभागियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद से उनकी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचती हैं और समाधान की उम्मीद बढ़ती है।

संवाद कार्यक्रम में लवली टोप्पो, उमेश उरांव, सुखबीर उरांव, मौसम उरांव, चतुर्गुण बैगा, गोपाल कुजूर, मनी परहिया, मंजू देवी खरवार, सुरेश परहिया, सुनील उरांव, सोहराय उरांव, देवनाथ उरांव, योगेंद्र उरांव, महेंद्र उरांव, पंचन उरांव, जगदीश उरांव आदि मौजूद थे।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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