झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: मझिआंव मोड़ पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। नगर परिषद बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसका स्वागत किया है, जबकि भाजपा जनप्रतिनिधियों पर सवाल खड़े किए गए हैं।
झामुमो के मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने सत्येन्द्र नाथ तिवारी और विष्णु दयाल राम पर निशाना साधते हुए कहा कि वाजपेयी जैसे महान नेता के नाम पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना को लेकर केवल घोषणाएं की गईं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं हुई और यह भी अन्य वादों की तरह ‘जुमला’ साबित हुआ।
धीरज दुबे ने कहा कि वाजपेयी की राजनीति विकास और समावेशिता पर आधारित थी, ऐसे में उनके नाम का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करना उनके सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो इस प्रस्ताव का समर्थन करता है और इसे जल्द लागू करने के पक्ष में है।
दुकान निर्माण पर रोक से बढ़ी चिंता
नगर परिषद की बैठक में नवनिर्मित हो रही दुकानों के निर्माण पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर भी झामुमो ने चिंता जताई है। बताया गया कि संबंधित भूमि ‘केसर हिंद’ की होने के कारण निर्माण कार्य पर सवाल उठे हैं। धीरज दुबे ने कहा कि दुकानों के निर्माण पर रोक से स्थानीय व्यापार और रोजगार प्रभावित होगा, इसलिए जनप्रतिनिधियों को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
झामुमो ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि प्रतिमा स्थापना और विकास कार्यों को जल्द जमीन पर उतारा जाए, ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।












