वीर शहीद गणेश हांसदा पुस्तकालय, भंडारशोल एवं आदिवासी छात्रावास, करनडीह में विद्यार्थियों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर किया वीर शहीद को याद, कहा – शहीद गणेश की शहादत से देश का मान बढ़ाने वाले कार्य करने की मिलती है सीख
शहीद आवास पर आयोजित बैठक में वीर शहीद फेलोशिप, शहीद संवाद कार्यक्रम पर हुई चर्चा, कॉमिक्स का ड्राफ्ट किया गया प्रस्तुत
बहरागोड़ा / जमशेदपुर : वीर शहीद गणेश हांसदा के छठे शहादत दिवस के मौके पर बहरागोड़ा के शहीद ग्राम कोसाफलिया स्थित स्मारक स्थल पर ग्रामीणों व बच्चों ने झारखंड के वीर सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

वीर शहीद गणेश हांसदा महज 20 वर्ष के युवा उम्र में जून 2020 में गलवान घाटी में चीनी सेना से लोहा लेते हुए वीरगति की प्राप्त हुए थे। उनकी शहादत को याद करते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

बांसदा चौक स्थित गणेश हांसदा की प्रतिमा पर माता पिता कापरा हांसदा, सुगदा हांसदा, बड़े भाई दिनेश हांसदा ने माल्यार्पण कर शहीद को याद किया

, वही वीर शहीद की याद में शुरू वीर शहीद गणेश हांसदा फेलोशिप के बच्चों व निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार, बैद्यनाथ हांसदा व अन्य ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

भंडारशोल स्थित वीर शहीद गणेश हांसदा पुस्तकालय व करनडीह जमशेदपुर स्थित लाल बहादुर मेमोरियल कॉलेज आदिवासी छात्रावास में भी छात्रों ने वीर सपूत को याद किया।

बताते चले कि वीर शहीद गणेश हांसदा की कहानी से ग्रामीण युवाओं को प्रेरित करने हेतु निश्चय फाउंडेशन समेत कई सामाजिक संस्थानों के द्वारा कई अभियान लगातार चलाये जा रहे है।

वीर शहीद गणेश हांसदा फेलोशिप के तहत चार बैच के कुल 22 बच्चे मैट्रिक से स्नातक तक की पढ़ाई कर रहे है।

फेलोशिप के पहले बैच के बच्चे अब स्नातक के अंतिम वर्ष में पहुंच चुके है। अभियान से और भी ग्रामीण बच्चे जुड़ सके, इसके लिए अगले महीने फेलोशिप का पांचवां संस्करण शुरू किया जाएगा। वही वीर शहीद के जीवन के महत्वपूर्ण स्थानों पर वीर शहीद संवाद कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना बढ़ सके, अपने कार्यों से देश के प्रगति में योगदान देने की भावना भी प्रबल होगी। शहीद आवास पर आयोजित चर्चा सत्र के दौरान वीर शहीद गणेश हांसदा के जीवनी पर आधारित कॉमिक्स का पहला ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया। जल्द ही वीर शहीद की कहानी कॉमिक्स के रूप में बच्चे पढ़ पाएंगे।

शहीद के बड़े भाई दिनेश हांसदा ने बताया कि सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के लगातार प्रयास से देश के वीर सपूतों की कहानी व देशभक्ति की भावना जनमानस तक पहुंच रही है।

इससे अभियान में पिछले कई वर्षों में अनगिनत लोग जुड़े है। मौके पर निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार, ट्राइबल पैडमैन वैद्यनाथ हांसदा, जयदीप महाकुड, विकास कुमार, रूपनारायण बेरा, जोबा किस्कू, निर्मला सोरेन, यमुना किस्कू व अन्य बच्चे बड़े प्रमुख रूप से उपस्थित थे।









