कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की घटना पर उपायुक्त की सख्त कार्रवाई, पांच संविदाकर्मी कार्यमुक्त
गढ़वा:कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खरौंधी में दिनांक 26 जून 2026 की रात्रि लगभग 08:00 बजे छात्राओं के अचानक अस्वस्थ होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने त्वरित संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राहत, उपचार, जांच एवं जवाबदेही तय करने के लिए तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की। सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त श्री मिश्रा ने केवल राहत एवं उपचार तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए अनुमण्डल पदाधिकारी, श्री बंशीधर नगर एवं जिला शिक्षा अधीक्षक, गढ़वा को संयुक्त रूप से जांच करने तथा 24 घंटे के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया। उनका स्पष्ट निर्देश था कि घटना के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जांच प्रक्रिया के दौरान उपायुक्त के निर्देश पर स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का आकलन किया गया। निरीक्षण के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय की वार्डन बिना अवकाश स्वीकृत कराए विद्यालय से अनुपस्थित थीं। साथ ही विद्यालय में कार्यरत पूर्णकालिक शिक्षिका से भी घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई, जिससे प्रारंभिक स्तर पर विद्यालयीय व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के संकेत मिले।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भवनाथपुर में प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय से कुल 77 छात्राओं को उपचार के लिए लाया गया था। चिकित्सकों द्वारा सभी छात्राओं का तत्काल उपचार किया गया तथा अधिकांश छात्राएँ उपचार के उपरांत उसी रात्रि अपने-अपने अभिभावकों के साथ सुरक्षित घर लौट गईं।
अगले दिन प्रातः केवल 07 छात्राओं को हल्की स्वास्थ्य संबंधी समस्या महसूस होने पर उनका उपचार पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भवनाथपुर में जारी रखा गया। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने पर छात्राओं ने सिर एवं पेट में दर्द की शिकायत बताई। उपस्थित चिकित्सकों एवं चिकित्सा प्रभारी ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि सभी छात्राएँ शीघ्र ही पूर्णतः स्वस्थ हो जाएँगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में सभी छात्राएँ पूर्णतः स्वस्थ हैं तथा विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
अनुमण्डल पदाधिकारी, श्री बंशीधर नगर द्वारा प्रस्तुत संयुक्त जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि विद्यालय के रसोइया द्वारा चापानल (हैंडपंप) में ताला बंद कर देना तथा विद्यालय की वार्डन, शिक्षिका एवं अन्य कर्मियों की लापरवाही इस घटना के प्रमुख कारण रहे। जांच प्रतिवेदन में विद्यालयीय व्यवस्था एवं दायित्व निर्वहन में गंभीर चूक की पुष्टि की गई।
संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि घटना से संबंधित सभी कर्मियों से कारण पृच्छा करते हुए 24 घंटे के भीतर उनका जवाब प्राप्त कर संपूर्ण संचिका प्रस्तुत की जाए।
निर्देश के अनुपालन में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई। निर्धारित अवधि के उपरांत अधोहस्ताक्षरी के समक्ष संचिका प्रस्तुत की गई, जिसमें सोनम रानी, लेखापाल-सह-कम्प्यूटर ऑपरेटर का उत्तर प्राप्त हुआ, किंतु उसका जवाब असंतोषजनक पाया गया। वहीं, अन्य संबंधित कर्मियों द्वारा निर्धारित समयावधि में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने मामले में शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए पांचों संविदाकर्मियों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई का निर्देश दिया।
इसमें लक्ष्मी देवी, वार्डन-सह-शिक्षिका, अलका तिवारी, पूर्णकालिक सामाजिक विज्ञान शिक्षिका, कोमल कुमारी, पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका, सोनम रानी, लेखापाल-सह-कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा कमला देवी, पूर्णकालिक रसोइया, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खरौंधी का नाम शामिल है।
उपरोक्त सभी कर्मियों की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, खरौंधी एवं प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी, खरौंधी से स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक उनके वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय भी लिया गया है।
साथ ही, उपायुक्त श्री मिश्रा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, गढ़वा को निर्देश दिया है कि विद्यालय में छात्राओं की पढ़ाई एवं दैनिक गतिविधियाँ किसी भी प्रकार से प्रभावित न हों, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यालय का संचालन सुचारु रूप से जारी रहे।
उपायुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी शैक्षणिक संस्थानों में जवाबदेही, अनुशासन एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








