July 26, 2026

सदर अस्पताल में नहीं है एमआरआई व सीटी स्कैन की सुविधा, मरीज बाहर से कराते हैं जांच

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भास्कर न्यूज|लोहरदगा सदर अस्पताल में सभी तरह की सुविधाएं होने का सरकार दावा करती है। लेकिन लोहरदगा सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा के नाम पर सिर्फ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा ही मिल रही है. लेकिन आधुनिक सुविधाओं के लिए लोगों को आज भी संघर्ष करना पड़ता है. भले ही यह सदर अस्पताल बाहर से बेहतर दिखता हो. लेकिन अंदर जाने पर अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है. अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों के लिए विश्राम गृह की कोई व्यवस्था नहीं है. इससे इलाज के लिए आने वाले मरीज के परिजनों को इधर-उधर रात गुजारनी पड़ती है. हालांकि अस्पताल प्रशासन कह सकता है कि मरीज के साथ परिवार का एक सदस्य रह सकता है, लेकिन जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती है, परिवार के सदस्यों की संख्या भी बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, सदर अस्पताल से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रिम्स रेफर करने की परंपरा जारी है. ज्यादातर हादसों में लोगों की मौत सिर में चोट लगने से होती है। वहीं, सिर की चोट से पीड़ित मरीजों को डॉक्टर सबसे पहले सीटी स्कैन कराने के लिए कहते हैं। लेकिन आज तक सदर अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है. पूरे जिले में निजी स्तर पर सुभाष चौक स्थित एकमात्र राहुल लैब नामक लैब में सिटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है. जहां सिटी स्कैन कराने का चार्ज ₹3500 है। ऐसे में अमीर लोग तो इसे वहन कर सकते हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब परिवार के लोग निजी स्तर पर सीटी स्कैन नहीं करा पाते हैं। ऐसे में या तो वे सीटी स्कैन नहीं करा पाते हैं या फिर बाजार से कर्ज लेकर किसी तरह सीटी स्कैन कराते हैं। इससे गरीब परिवार के सदस्यों पर मरीज के इलाज को लेकर बोझ और बढ़ जाता है. लेकिन अगर अन्य जिलों की तरह सदर अस्पताल में भी सिटी स्कैन की व्यवस्था उपलब्ध होती तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिल पाता और संबंधित लोग समय पर मरीज का इलाज करा पाते. इसके अलावा एमआईआर की सुविधा नहीं होने से लोगों को इसका लाभ लेने के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता है. सदर अस्पताल में सीटी स्कैन की भी सुविधा नहीं है. इसके कारण गंभीर मरीजों को हायर सेंटर या रांची रिम्स रेफर कर दिया जाता है. कड़ाक गांव निवासी सुरेश उरांव 2 दिन पहले कुडू में सड़क दुर्घटना में घायल हो गये थे. जिसमें सिटी स्कैन की आवश्यकता बताई गई। सदर अस्पताल में इसकी सुविधा नहीं होने के कारण घायलों को रिम्स में इसका लाभ लेना पड़ा. मामले पर सीएस डॉ. राजू कच्छप ने कहा कि सदर अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कम है. जिसके कारण इसका मशीन इंस्टालेशन नहीं हो सका। इसको लेकर विभागीय स्तर पर कई बार मांग की जा चुकी है. इसके अलावा जिले में एक जगह सीटी स्कैन होता है जिसके लिए ओएमयू की प्रक्रिया चल रही थी जो बीच में ही रद्द हो गई। इसकी प्रक्रिया फिर से चल रही है. जिले के बगड़ू थाना क्षेत्र में दो दिन पहले हुई सड़क दुर्घटना में मनीष उराँव, पिता बिरेश उराँव, ग्राम बड़चोरगाई खम्हन और रोशन उराँव, पिता धर्मचंद उराँव, ग्राम भक्सो लोहरदगा घायल हो गये। दोनों को सीटी स्कैन की जरूरत बताई गई। सदर अस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण दोनों का सिटी स्कैन रांची रिम्स में कराया गया. एक की इलाज के दौरान मौत भी हो गई.

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