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रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड के छात्रों का 14वें दिन भी आंदोलन जारी है। छात्र आंदोलन अब और व्यापक होता नजर आ रहा है। आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन के मुताबिक मार्च में राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रांची बिरसा चौक से यह मार्च दोपहर 12:00 निकलेगा।
AISA के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने बताया कि विधानसभा मार्च की शुरुआत सुबह 11 बजे बिरसा चौक से होगी। इससे पहले संगठन का प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात करेगा। इसके बाद सभी छात्र बिरसा चौक पहुंचेंगे और वहां से विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।
नेहा बोरा की मौजूदगी से बढ़ेगा आंदोलन का दायरा
इस मार्च में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल होंगी। जेएनयू की रिसर्च स्कॉलर नेहा बोरा परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक और मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुकी हैं।
AISA ने उनकी मौजूदगी को झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण बताया है। संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के छात्र नेतृत्व के जुड़ने से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने में मदद मिलेगी।
स्टेडियम पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से करेंगी मुलाकात
विधानसभा मार्च से पहले नेहा बोरा के नेतृत्व में AISA का प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचेगा। यहां पिछले कई दिनों से छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
संगठन के अनुसार, मुलाकात के बाद आंदोलनकारी छात्रों के साथ मार्च में शामिल होने के लिए सभी लोग बिरसा चौक की ओर रवाना होंगे।
पुलिस से टकराव नहीं, लेकिन पीछे हटने को तैयार नहीं
AISA ने स्पष्ट किया है कि उसका विधानसभा मार्च शांतिपूर्ण रहेगा। संगठन के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ के मुताबिक छात्रों का उद्देश्य सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाना है और वे पुलिस के साथ किसी तरह का टकराव नहीं चाहते।
हालांकि, संगठन ने यह भी कहा है कि यदि पुलिस की ओर से अनावश्यक सख्ती की जाती है या छात्रों को आगे बढ़ने से रोका जाता है, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आंदोलन जारी रखेंगे।
10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा घेराव में भी साथ देगा AISA
AISA ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव में भी आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़े रहने की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक उसके कई कार्यकर्ता पहले से ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में सक्रिय हैं।
त्रिलोकी नाथ का कहना है कि अलग-अलग छात्र संगठन अपने स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं और सभी का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना और छात्रों को न्याय दिलाना है।
कई दिनों से धरने पर छात्र
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल है।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच विभिन्न छात्र संगठनों के समर्थन से आंदोलन को लगातार विस्तार मिल रहा है।
आंदोलन स्थल पर सुविधाओं की भी मांग
AISA ने आंदोलन स्थल पर छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की है। संगठन ने धरनास्थल पर मेडिकल टीम की व्यवस्था के साथ-साथ पर्याप्त पेयजल, शौचालय, रोशनी और पंखों की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
14वीं JPSC और JSSC-CGL समेत इन मुद्दों पर उठाई आवाज
AISA ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें 14वीं JPSC और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने, पेपर लीक और कथित धांधली के आरोपों की जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग प्रमुख है।
संगठन ने JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांगते समेत अन्य आरोपितों की निष्पक्ष जांच, JPSC-JET का परिणाम जल्द जारी करने और समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर लागू करने की मांग की है।
इसके अलावा ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसियों की जगह सरकारी स्तर पर पारदर्शी भर्ती परीक्षा कराने, स्थानीय नियोजन नीति के अनुरूप नियमित रोजगार देने और मुख्यमंत्री द्वारा आंदोलनरत छात्रों से तत्काल संवाद कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग भी शामिल है।
अब 7 अगस्त को होने वाला AISA का विधानसभा मार्च और 10 अगस्त का प्रस्तावित विधानसभा घेराव झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के अगले बड़े पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है।





