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चतरा: टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में भीड़ की हिंसा में मो. इमरोज की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। घटना के दौरान पुलिस टीम द्वारा समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो सब-इंस्पेक्टर (SI) और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसपी अनिमेष नैथानी ने चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया है।
जांच रिपोर्ट में सामने आई पुलिस की लापरवाही
घटना के बाद पूरे मामले की जांच टंडवा एसडीपीओ को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान सामने आया कि मौके पर तैनात पुलिस टीम उग्र भीड़ के बीच मो. इमरोज और उनके पिता सुल्तान मियां को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी और प्रभावी कदम नहीं उठा सकी।
रिपोर्ट के आधार पर टंडवा थाना में तैनात एसआई सुनील सिंह और दुलारी पूर्ति तथा सिपाही दशरथ महतो और प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में चारों पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, चतरा निर्धारित किया गया है।
नाबालिग से जुड़े मामले को लेकर भड़की थी भीड़
पुलिस के अनुसार, बड़गांव में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और उग्र भीड़ ने मो. इमरोज तथा उनके पिता सुल्तान मियां के साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हालात काफी तनावपूर्ण हो चुके थे। पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। मो. इमरोज की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
12 आरोपी जेल भेजे गए, बाकी की तलाश जारी
मॉब लिंचिंग के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। एसपी अनिमेष नैथानी के मुताबिक अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस की टीमें अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने कहा- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं
एसपी अनिमेष नैथानी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बड़गांव मामले में विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही मॉब लिंचिंग में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का अभियान लगातार चलता रहेगा। एसपी ने दो टूक कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी में लापरवाही या ऐसी कोई हरकत, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो, भविष्य में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





