
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को राजधानी रांची में छात्रों का अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। ‘विधानसभा घेराव’ के आह्वान के तहत हजारों की संख्या में छात्र और अभ्यर्थी तिरंगा लहराते हुए सड़कों पर उतरे।
राज्य बनने के बाद पहली बार हुआ ऐसा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्रों के उग्र रुख और भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से लगाई गई कुल 7 सुरक्षा बैरिकेडिंग को एक-एक कर तोड़ दिया गया। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब प्रदर्शनकारी सभी सुरक्षा घेरों को लांघते हुए सीधे विधानसभा भवन के इतने करीब तक पहुंचे हैं।
आंदोलन की मुख्य झलकियां:
सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त: प्रशासन द्वारा किए गए कड़े सुरक्षा इंतजाम और वाटर कैनन का प्रयोग भी उग्र छात्रों को रोकने में नाकाम रहा।
प्रमुख नेताओं का समर्थन: आंदोलनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल पहुंचे, वहीं जयराम महतो ने छात्रों के समर्थन में निर्जला उपवास रखा।
विपक्ष का घेराव: एक ओर जहां छात्र सड़कों पर डटे रहे, वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेताओं व विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
छात्रों का कहना है कि जब तक JPSC और JSSC की धांधलियों पर ठोस कार्रवाई और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। घटना के बाद पूरे राजधानी क्षेत्र में पुलिस और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।





