
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में पिछले करीब 20 दिनों से छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि कई भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि राज्य सरकार की आंतरिक जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।
इसी बीच, इन परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। यह याचिका बसंत प्रसाद की ओर से दायर की गई है, जिसमें JPSC और JSSC की कथित रूप से प्रभावित परीक्षाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है।
याचिका में विशेष रूप से 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, प्रश्न पत्र लीक हुए और पैसों के बदले नियुक्तियां की गईं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन कथित अनियमितताओं के कारण बड़ी संख्या में योग्य और मेधावी अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि राज्य सरकार ने स्वयं परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात स्वीकार की है और मामले की जांच CID को सौंपी है। हालांकि, उनका आरोप है कि CID जांच प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ रही है, इसलिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए CBI से जांच कराना जरूरी है।
जनहित याचिका में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि TDPL द्वारा आयोजित JPSC और JSSC की सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच होनी चाहिए, ताकि कथित धांधली के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि केवल कुछ परीक्षाओं को रद्द करना पर्याप्त नहीं होगा। उनका आरोप है कि TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कर उन्हें रद्द किया जाना चाहिए।
सरकार पहले ही 14वीं JPSC पीटी परीक्षा, 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षा रद्द करने पर अपनी सहमति जता चुकी है। इसके बावजूद छात्र सभी संदिग्ध परीक्षाओं पर समान कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों ने दावा किया है कि JSSC CGL से चयनित अभय कुमार तिवारी ने TDPL द्वारा आयोजित कई अन्य परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की हैं। छात्रों का कहना है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।




