
Indonesia earthquake: इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में शनिवार तड़के आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। 7.7 तीव्रता के इस भूकंप में कम से कम 47 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के झटकों से बड़ी संख्या में मकान और अन्य इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5:58 बजे आया। इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में और करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। तेज झटकों के कारण कई इलाकों में भूस्खलन भी हुआ, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
भूकंप से प्रभावित इलाकों में कम से कम 157 मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि करीब 200 अन्य घरों को नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोगों के घर क्षतिग्रस्त होने के बाद लगभग 2,000 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों और अस्थायी राहत शिविरों में जाना पड़ा। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
भूकंप के बाद अधिकारियों ने संभावित सुनामी के खतरे को देखते हुए चेतावनी जारी की थी। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। हालांकि, बाद में इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी ने समुद्र के स्तर की निगरानी के बाद सुनामी की चेतावनी वापस ले ली। एजेंसी के अनुसार, समुद्र के स्तर में ऐसा कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं पाया गया, जिससे तटीय इलाकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो।
मुख्य भूकंप के बाद भी धरती के हिलने का सिलसिला जारी रहा। मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, शनिवार दोपहर तक करीब 235 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए। इनमें सबसे शक्तिशाली झटका 6.2 तीव्रता का था। लगातार आ रहे झटकों के कारण प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच डर का माहौल बना रहा और कई लोग घरों में लौटने से भी बचते रहे।
इंडोनेशिया करीब 17 हजार द्वीपों वाला विशाल द्वीपसमूह है और प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण लगातार भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं।
फ्लोरेस क्षेत्र भी पहले बड़े प्राकृतिक हादसे का सामना कर चुका है। दिसंबर 1992 में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में उठी सुनामी ने फ्लोरेस द्वीप पर भारी तबाही मचाई थी। उस आपदा में करीब 2,500 लोगों की जान चली गई थी।





