
रांचीः झारखंड में भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर रांची में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के कार्यालय में सीआईडी की छापेमारी हो रही है।
सीआईडी की टीम ने जेपीएससी के बाद अब जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अनियमितता और पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। सीआईडी की टीम जेएसएससी कार्यालय पर छापेमारी कर रही हैं और सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ जारी है।
विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में छापेमारी
सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक ने बताया कि विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में जेएसएससी के कार्यालय में छापेमारी की जा रही हैं। इससे पहले झारखंड में अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार पिछले 24 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य की जांच एजेंसी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सीजीएल परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी वर्ष 2024 में आयोजित सीजीएल परीक्षा के माध्यम से चयनित सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा में किसी स्तर पर अनियमितता हुई थी या नहीं और यदि किसी अभ्यर्थी को अनुचित तरीके से लाभ मिला है तो उसकी पहचान की जा सके। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस परीक्षा के माध्यम से दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इसी परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र रांची में आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है। इस बीच, मामले की जांच में परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के बयान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तिवारी ने सीआईडी को दिए बयान में स्वीकार किया है कि परीक्षा से पहले सीजीएल के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। इस परीक्षा में खुद अभय तिवारी भी सफल हुआ था।
टीडीपीएल को जेएसएससी की परीक्षाओं के संचालन का मिला था जिम्मा
अभय तिवारी के अनुसार, पहले टीडीपीएल को जेएसएससी की परीक्षाओं के संचालन का काम मिलता था। बाद में कंपनी ने कम दर पर परीक्षा संचालन करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे डी-इंपैनल कर दिया गया। इसके बाद परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी वेबल नामक एजेंसी को दी गई। तिवारी ने वेबल नामक परीक्षा एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके अनुसार, उसे वेबल से जुड़े लोगों के माध्यम से जेएसएससी सीजीएल के प्रश्न और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे।






