
मझिआंव: सड़क पर अतिक्रमण कर धान की रोपाई करने और आवागमन की समस्या को लेकर बुधवार को मझिआंव–विशुनपुरा मुख्य पथ करीब चार घंटे तक जाम रहा। ग्रामीणों ने सुबह करीब 9 बजे सड़क पर पेड़ काटकर और बाइक खड़ी कर आवागमन बाधित कर दिया। विधायक और जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 1 बजे जाम हटाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोदरा पंचायत अंतर्गत मुख्य सड़क पर गोपालपुर निवासी ओंकार दुबे सहित अन्य लोगों द्वारा कथित तौर पर आम रास्ते पर धान की रोपाई किए जाने से ग्रामीण आक्रोशित थे। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सड़क पर उतर आए और मझिआंव–विशुनपुरा मार्ग को जाम कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क और रास्ते की समस्या को लेकर पूर्व में भी अंचल एवं जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक विधायक और जिला पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक जाम जारी रहेगा। इस कारण प्रशासनिक टीम के समझाने के बावजूद शुरुआती दौर में जाम नहीं हट सका।
सूचना मिलने पर मझिआंव प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने गढ़वा के डीसी पशुपतिनाथ मिश्रा से फोन पर बात कर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया और एसडीओ से भी संपर्क किया।
डीसी की ओर से समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तथा विधायक द्वारा ग्रामीणों को भरोसा दिलाए जाने के बाद आंदोलनकारी शांत हुए और जाम हटा लिया गया। मौके पर वीडियो श्रीमती कनक, अंचल अमीन सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
बताया गया कि ग्रामीणों ने एक दिन पहले ही अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा और सीओ, मझिआंव को आवेदन सौंपा था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि बोदरा पंचायत की सड़क पर अतिक्रमण कर आवागमन बाधित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इसकी मापी भी हो चुकी है। आरोप है कि जब अंचल कार्यालय के कर्मी मापी करने पहुंचे तो अतिक्रमणकारियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें वहां से वापस लौटना पड़ा।
मामले को लेकर विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने थाना प्रभारी अमित कुमार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई के बजाय यदि प्रशासनिक कर्मी वापस लौट जाएं तो यह प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
वहीं, अंचल निरीक्षक ने बताया कि विवादित भूमि जीएम लैंड है और इसकी मापी पहले ही की जा चुकी है।





