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पलामू: पांकी थाना क्षेत्र के टोला कोलवा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देसी कार्बाइन के साथ तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से लोडेड देसी कार्बाइन, एक लोडेड मैगजीन, सात जिंदा कारतूस, एक खोखा, तीन मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी किसी व्यापारी को हथियार के बल पर लूटने की तैयारी में थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोहन गंझू (38), सिकंदर गंझू (22) और सुमन यादव (23) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के ग्राम सिकनी के रहने वाले हैं। तीनों का पूर्व से आपराधिक इतिहास भी रहा है। इनके खिलाफ लूटपाट, एनडीपीएस एक्ट और डकैती से संबंधित मामले दर्ज हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी हथियारों के साथ टोला कोलवा इलाके में जुटे हैं और किसी व्यापारी को निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ लेस्लीगंज के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
इसके बाद टीम ने टोला कोलवा में छापेमारी की। पुलिस को मौके पर दो मोटरसाइकिलों के साथ पांच लोग खड़े दिखाई दिए। पुलिस बल को देखते ही सभी आरोपी मौके से भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर तीन लोगों को दबोच लिया, जबकि दो अन्य आरोपी भागने में सफल रहे।
तलाशी में बरामद हुआ हथियार
पकड़े गए आरोपियों की तलाशी लेने पर सोहन गंझू के पास से लोडेड देसी कार्बाइन बरामद की गई। इसके अलावा पुलिस ने एक लोडेड मैगजीन, सात जिंदा कारतूस, एक खोखा, तीन मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं।
पुलिस अब फरार हुए दोनों आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। साथ ही बरामद हथियार और आरोपियों के मोबाइल फोन के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सोहन गंझू के भाई सीता गंझू का पूर्व में टीपीसी उग्रवादी संगठन से जुड़ाव था। वह कार्बाइन लेकर चलता था। वर्ष 2011 में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान सीता गंझू मारा गया था। पुलिस का दावा है कि भाई की मौत के बाद सोहन गंझू ने उसकी कार्बाइन अपने पास रख ली। इसके बाद उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया और कथित तौर पर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने लगा।
अफीम कारोबारियों को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह मुख्य रूप से अफीम की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर लूटपाट करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक किन-किन वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद कार्बाइन और अन्य हथियारों का इस्तेमाल पूर्व में किसी आपराधिक घटना में किया गया था या नहीं।







