
मांगे पूरी नहीं होने पर डिमना चौक जाम की चेतावनी
साथ ही पूरे शहर में समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी
जमशेदपुर : डिमना स्थित हिल व्यू कॉलोनी में 25 दिनों से जारी पेयजल की किल्लत, फॉगिंग नहीं होने और नियमित कचरा उठाव की समस्या को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। हिल व्यू कॉलोनी डिमना विकास समिति अध्यक्ष एवं पूर्वी लोकसभा प्रत्याशी सौरव विष्णु के नेतृत्व में आयोजित धरने में स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन से तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल करने, नियमित फॉगिंग कराने और कचरा उठाव की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में राकेश प्रसाद, बी. पालित, ए.के. सिंह, साकेत रंजन, सुबोध प्रसाद, गिरधारी सिंह, राजकुमार वर्मा, विनोद प्रसाद, जसविंदर कौर, बीना देवी, उषा कुमारी, उषा देवी, खगेश पांडेय, प्रमोद मालाकार, शशि भूषण, अभय कुमार, के.पी. गुप्ता, अजीत कुमार सिंह, मनोज खत्री और अभय सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सौरव विष्णु ने कहा कि उन्होंने आज आंदोलन की शुरुआत अपने घर से ही की है और अब जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई जाएगी। दुनिया में भारत आर्थिक रूप से तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन जमशेदपुर की हालत अफ्रीका के गाँव जैसे हो गई हैं। डिमना-मानगो में लोगों को आज भी पानी, सफाई, नाली और फॉगिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानगो नगर निगम की ओर बोला जाता है ये यह काम स्थानीय विधायक कराएंगे, जबकि स्थानीय विधायक की ओर से इसे नगर निगम की जिम्मेदारी बताया जाता है। नगर निगम और विधायक के बीच विकास कार्यों की जिम्मेदारी तय करने को लेकर चल रही इस खींचतान का खामियाजा आखिरकार जनता को भुगतना पड़ रहा है। लेकिन इसका खामियाजा डिमना-मानगो की जनता भुगत रही है। जनता को बहाने नहीं, अपने इलाके में जमीन पर काम चाहिए। आखिर यह कैसा विकास है, ना तो डीसी ,ना तो नगर निगम और ना ही स्थानीय विधायक ने सुनी , जिस तरह पानी के पैसे के लिए मैसेज भेजा जाता है ठीक उसी तरह काम क्यों नहीं करती है इसीलिए लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़क पर धरना-प्रदर्शन करना पड़ा रहा है ”
सौरव विष्णु ने कहा कि डिमना से उठी यह आवाज अब केवल एक कॉलोनी तक सीमित नहीं रहेगी। यदि पेयजल, सफाई, नाली और फॉगिंग जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो जमशेदपुर के अन्य क्षेत्रों में भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आपसी जिम्मेदारी तय करने के बजाय जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकार, सम्मानजनक जीवन और बेहतर नागरिक सुविधाओं की मांग को लेकर है।






