
रांची/रामगढ़: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर चल रहे अभियान को अब नए स्वरूप में आगे बढ़ाने की तैयारी है। करीब 26 दिनों तक चले जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल आंदोलन के स्थगित होने के बाद छात्र संगठनों की ओर से पूरे राज्य में ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ निकालने का निर्णय लिया गया है। यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों से होकर गुजरेगी और इस दौरान छात्रों व युवाओं के बीच भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
रामगढ़ के नेमरा से शुरू होगी यात्रा
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा की शुरुआत रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैयाटांड़ से की जाएगी। नेमरा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पैतृक गांव है। यात्रा की शुरुआत झारखंड की पारंपरिक रीति-रिवाजों और स्थानीय परंपराओं के अनुरूप किए जाने की तैयारी है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी। मांदर की थाप के बीच राष्ट्रगान होगा। इसके साथ ही प्रमुख नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शाल का पौधा लगाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के बाद यात्रा को औपचारिक रूप से रवाना किया जाएगा।
कॉलेज, विश्वविद्यालय और पुस्तकालयों में चलेगा अभियान
यात्रा के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों और छात्र समुदाय के बीच संवाद किया जाएगा। अभियान के माध्यम से युवाओं को भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की जानकारी देने के साथ उन्हें पारदर्शी और निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया के लिए जागरूक किया जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल विरोध तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि राज्य में ऐसी भर्ती व्यवस्था के लिए जनसमर्थन तैयार करना है, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो और नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।
यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। इसमें मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम और इंटरनेट मीडिया हैंडलिंग टीम शामिल हैं। ये टीमें यात्रा की रूपरेखा, कार्यक्रमों के संचालन, विभिन्न जिलों में समन्वय और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगी।
इन जिलों से गुजरेगी यात्रा
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा रामगढ़ से शुरू होकर राज्य के विभिन्न जिलों से होते हुए राजधानी रांची पहुंचेगी। प्रस्तावित यात्रा मार्ग में रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा शामिल हैं। इसके बाद यात्रा रांची पहुंचेगी।
इस दौरान विभिन्न स्थानों पर छात्रों, अभ्यर्थियों और युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कानूनी मामलों में भी मिलेगी मदद
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कानूनी मामलों को लेकर भी यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों को सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए वकीलों की एक टीम भी यात्रा के साथ रहेगी। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, जो अभ्यर्थी संबंधित कानूनी मामलों में पक्षकार के रूप में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें वकालतनामा समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्यायिक मंच पर अपनी बात विधिसम्मत तरीके से रखने में सहायता देना भी इस पहल का अहम हिस्सा है। इसके जरिए उम्मीदवार अपने हितों की रक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को लेकर जनसमर्थन जुटाने की कोशिश
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का मूल उद्देश्य राज्य के युवाओं और अभ्यर्थियों के बीच जागरूकता पैदा करना है। अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभियान का संकल्प ऐसी व्यवस्था के निर्माण का है, जहां योग्यता के आधार पर अभ्यर्थियों को अवसर मिले, भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी हो तथा भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के लिए कोई जगह न हो। आंदोलन के स्थगन के बाद अब इसी मुद्दे को व्यापक जनअभियान के रूप में राज्यभर में आगे बढ़ाने की तैयारी है।






