
रांची। धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के बीच हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। विधायक जयराम की मुश्किलें बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका की अर्जी पर फैसला टाल दिया है और गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं दूसरी ओर मामले में पुलिस एसोसिएशन की ओर से विधायक टाइगर जयराम के खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन की केंद्रीय कमेटी मंगलवार को बैठक कर इस पूरे प्रकरण में आगे की रणनीति तय करेगी।
बताया जा रहा है कि बैठक में विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर संगठन की अगली रणनीति पर चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के सक्षम स्तर पर दोबारा पत्राचार करने तथा जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आ सकता है।
कार्रवाई की स्थिति पर एसोसिएशन ने उठाए सवाल
पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि संगठन की ओर से 26 अगस्त को संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी। इसमें पांच दिनों के भीतर गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कदम उठाने की मांग की गई थी।
इसके बाद 29 अगस्त को धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार से दोबारा पत्राचार कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी गई। एसोसिएशन के मुताबिक सोमवार शाम तक उसे इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मिली। संगठन का दावा है कि पहले दिए गए पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद अतिरिक्त 24 घंटे का समय भी समाप्त हो चुका है।
इसी वजह से अब केंद्रीय कमेटी की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसएसपी की भूमिका पर भी नाराजगी
पूरे प्रकरण में पुलिस एसोसिएशन की नाराजगी सिर्फ विधायक को लेकर नहीं है। संगठन ने धनबाद एसएसपी से भी मामले की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है।
एसोसिएशन का तर्क है कि यदि किसी पुलिस अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी का मामला सामने आया है तो उस पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। कार्रवाई की प्रगति की जानकारी नहीं मिलने को लेकर संगठन ने असंतोष जताया है।
कई पुलिस इकाइयों के समर्थन का दावा
केंद्रीय कमेटी के प्रस्तावित फैसले को राज्य के अलग-अलग हिस्सों से समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। एसोसिएशन के अनुसार जिलों की शाखाओं के अलावा जैप, आईआरबी, एसआईआरबी, विशेष शाखा और एसटीएफ सहित कई पुलिस इकाइयों ने संगठन के साथ खड़े रहने की बात कही है।
कुछ शाखाओं द्वारा प्रेस बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्रीय कमेटी की मांगों के समर्थन की जानकारी भी सामने आई है।
बैठक में इन मुद्दों पर हो सकता है फैसला
मंगलवार की बैठक में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर रणनीति बनने की संभावना है—
जयराम महतो के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर अगला कदम।
सरकार और संबंधित सक्षम प्राधिकार को पत्र भेजने की प्रक्रिया।
मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा।
एसोसिएशन यह भी स्पष्ट कर चुका है कि यदि मामले की जांच या कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों की ओर से लापरवाही सामने आती है, तो संगठन उस पर भी आपत्ति दर्ज कराएगा।
21 अगस्त की घटना से शुरू हुआ विवाद
पुलिस एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष राहुल मुर्मू के मुताबिक, धनबाद शाखा से प्राप्त जानकारी के आधार पर 21 अगस्त की रात बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से विधायक जयराम महतो की कथित तौर पर वॉट्सऐप कॉल पर बातचीत हुई थी।
एसोसिएशन का आरोप है कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और सरकार बदलने की स्थिति में नौकरी बर्बाद करने जैसी कथित धमकी दी गई।
इसके बाद विधायक के समर्थकों के थाना पहुंचने और थाना प्रभारी की टेबल पर रखे सामान को अस्त-व्यस्त करने तथा नेम प्लेट क्षतिग्रस्त किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस मामले में 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाना में कांड संख्या 146/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर भी पुलिसकर्मियों को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि, पूरे विवाद में विधायक जयराम महतो का पक्ष और उनके द्वारा लगाए गए आरोप भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए मामले की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जयराम महतो भी दे चुके हैं जवाब का संकेत
विवाद के बीच विधायक जयराम महतो ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस एसोसिएशन को जवाब देने के संकेत दिए हैं। उन्होंने दावा किया था कि वह कुछ मामलों से संबंधित आंकड़े जुटा रहे हैं और जल्द ही लाइव या प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं।
अब मंगलवार को होने वाली केंद्रीय कमेटी की बैठक पर नजर है। बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि पुलिस एसोसिएशन सरकार से कार्रवाई के लिए दोबारा आग्रह करता है या सीधे चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान करता है।




