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धनबाद/रांची: धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला अब पुलिस संगठन और सरकार के बीच टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। डुमरी के झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) विधायक जयराम कुमार महतो की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मंगलवार को चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी।
एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक की गिरफ्तारी सहित कुल नौ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति सार्वजनिक की गई। खास बात यह है कि पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन को सिपाही और हवलदार संवर्ग के झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन तथा डीएसपी संवर्ग के झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन ने भी नैतिक और सैद्धांतिक समर्थन दिया है। पुलिस संगठनों के अनुसार, इस समर्थन के बाद सिपाही, हवलदार से लेकर डीएसपी संवर्ग तक करीब 80 हजार पुलिस बल आंदोलन के समर्थन में खड़ा है।
पुलिस एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजा है। इसमें विधायक जयराम महतो की गिरफ्तारी समेत नौ सूत्री मांगों का उल्लेख करते हुए आंदोलन के प्रत्येक चरण की जानकारी दी गई है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि आंदोलन के दौरान यदि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्राधिकार की होगी। लंबे समय से मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन को चार चरणों में बांटा है। इसकी शुरुआत सितंबर से होगी और मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में अक्टूबर तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के पहले चरण में 8 सितंबर से 11 सितंबर तक लगातार चार दिनों तक झारखंड के कनीय पुलिस पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे। पुलिसकर्मी नियमित रूप से अपना काम करते हुए काला बिल्ला लगाकर सरकार और विभाग के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
दूसरे चरण के तहत 19 सितंबर को राज्य के पुलिस केंद्रों, थानों और ओपी में चूल्हा-चौकी तथा मेस बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इस दिन पुलिसकर्मी एक दिवसीय सामूहिक उपवास करेंगे। एसोसिएशन ने इसे आंदोलन का दूसरा बड़ा कदम बताया है।
इसके बाद 24 सितंबर को आंदोलन के तीसरे चरण के तहत एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। राज्य के सभी जिला शाखा और संबंधित इकाइयों के पदाधिकारी अपने-अपने एसपी और कमांडेंट कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठेंगे। वहीं महासंघ के पदाधिकारी राजधानी में डीजीपी कार्यालय के सामने धरना देंगे। धरना समाप्त होने के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा।
आंदोलन का सबसे बड़ा और अंतिम चरण 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान झारखंड के पुलिसकर्मी छह दिनों के लिए अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि इससे पहले सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती है तो आंदोलन के तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ा जाएगा।




