
दुमका: जिले में तालझारी थाना क्षेत्र के नेवाणी पाथर गांव में अंधविश्वास से जुड़ी हिंसा में 85 वर्षीय महिला की मौत हो गई। शुक्रवार रात ढेंगी मुर्मू पर डायन होने का आरोप लगाते हुए कुछ महिलाओं ने उनके घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी सुरजमनी हांसदा घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार, मृतका के पड़ोस के कुछ लोग पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्होंने बीमारी के लिए वृद्ध महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर जादू-टोना और डायन-बिसाही करने का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार, आरोपी बुजुर्ग महिला पर कथित तांत्रिक क्रिया के जरिये बीमारी ठीक करने का दबाव भी बना रहे थे। शुक्रवार की रात को इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि 7-8 लोगों ने लाठी-डंडों से वृद्ध महिला पर हमला कर दिया. मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
वारदात की सूचना मिलते ही तालझारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए छह महिलाओं तथा एक किशोरी को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, छह महिलाओं को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है, जबकि किशोरी के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
पुलिस घायल सुरजमनी हांसदा का बयान लेकर घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमले के पीछे डायन होने का शक ही मुख्य वजह था या पीड़ित परिवार और आरोपियों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था।
पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।







