
गोवा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने देश में नक्सलवाद की चुनौती को खत्म करने में सफलता हासिल की है और अब नशीले पदार्थों के खिलाफ भी इसी तरह निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है।
गोवा दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि नशामुक्त युवा शक्ति वर्ष 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने नशामुक्त भारत के लिए एक प्रारूप तैयार किया है।
50 करोड़ नागरिकों तक पहुंचेगा नशामुक्त भारत अभियान
गृह मंत्री ने कहा कि नशामुक्त भारत के तीन साल के अभियान को पूरे देश का समर्थन मिलेगा। उन्होंने गोवा के मीडिया से अपील की कि भारत को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में सरकार का सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि अभियान को देश के करीब 50 करोड़ नागरिकों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सरकार 1 लाख ‘नशामुक्ति मित्रों’ को प्रशिक्षित करने जा रही है, जो समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में मदद करेंगे।
12 साल में ड्रग्स जब्ती का आंकड़ा कई गुना बढ़ा
अमित शाह ने नशीले पदार्थों की जब्ती के आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी। वहीं, 2014 से 2026 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 1.19 करोड़ किलोग्राम से अधिक हो गया।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि में जब्त किए गए नशीले पदार्थों की कीमत भी काफी बढ़ी है। 2004-14 के दौरान जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 40 हजार करोड़ रुपये थी, जो 2014-26 के दौरान बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये हो गई।
2014 में तीन बड़ी चुनौतियों का किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली, तब भारत के सामने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में हिंसक उग्रवाद और देश के बड़े हिस्से में नक्सलवाद जैसी तीन बड़ी चुनौतियां थीं। इसके अलावा लगातार हो रहे बम धमाके और महिलाओं की सुरक्षा भी गंभीर मुद्दे थे।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अलगाववाद में कमी आई है और आतंकवाद के आंकड़े लगभग शून्य की ओर बढ़े हैं। शाह के मुताबिक, घाटी में मानसिक दूरियां कम हुई हैं और जम्मू-कश्मीर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
नक्सलवाद के बाद पूर्वोत्तर में भी बदलाव का दावा
गृह मंत्री ने कहा कि दशकों पुराना नक्सलवाद अब बीते दिनों की बात बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि ‘रेड कॉरिडोर’ का सपना देखने वालों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होने का रास्ता चुना है।
पूर्वोत्तर की स्थिति का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि वहां करीब 10 हजार युवाओं ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 14 से अधिक शांति समझौतों के जरिए क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत हुई है।
पीएम मोदी ने लॉन्च किया था नशामुक्त युवा अभियान
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ लॉन्च किया था। प्रधानमंत्री ने उस दौरान कहा था कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा था कि दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं और इस साजिश को मिलकर नाकाम करना होगा।
अमित शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से भारत को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।






