
नई दिल्ली: देश के चार राज्यों में खाली हुई एक लोकसभा और पांच विधानसभा सीटों पर यूपी चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि सभी छह सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट को लेकर है, जहां एक बार फिर हाई-प्रोफाइल मुकाबला देखने को मिल सकता है।
नंदीग्राम में फिर आमने-सामने आ सकते हैं बड़े चेहरे
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। इस चुनाव के बाद नंदीग्राम सुवेंदु अधिकारी के मजबूत राजनीतिक गढ़ के तौर पर उभरा।
हालिया विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपनी परंपरागत सीट नंदीग्राम छोड़ दी, जिससे यह सीट खाली हो गई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतरेंगी? अगर टीएमसी उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो इस सीट का मुकाबला एक बार फिर राज्य की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल हो सकता है।
पिछले चुनाव में भी रहा था कड़ा मुकाबला
नंदीग्राम में पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़े भी मुकाबले की करीबी तस्वीर दिखाते हैं। सुवेंदु अधिकारी को 1,27,301 वोट, जबकि टीएमसी उम्मीदवार प्रतीभा कर को 1,17,636 वोट मिले थे।
वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी को 1,10,764 वोट, जबकि ममता बनर्जी को 1,08,808 वोट मिले थे। ऐसे में उपचुनाव में एक बार फिर कड़े मुकाबले की संभावना जताई जा रही है।
रेजीनगर सीट पर भी होगा उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट भी उपचुनाव वाली सीटों में शामिल है। यहां से आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने नौदा विधानसभा सीट से भी जीत हासिल की थी।
बाद में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई। विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव
उपचुनाव वाली छह सीटों में असम की नागांव लोकसभा सीट भी शामिल है। यहां से सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
अब नागांव लोकसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव भी राजनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी मतदान
उपचुनाव के कार्यक्रम में तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा।
इसके अलावा पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा।
इस तरह चार राज्यों की कुल छह सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम सामने आएंगे। सीटों की संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन खासकर नंदीग्राम का चुनाव परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए कई अहम राजनीतिक संकेत दे सकता है।




