{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":[],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{"transform":1},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":true,"containsFTESticker":false}
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में CID ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक मामला JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ा है, जबकि दूसरे में JPSC परीक्षा के दौरान कथित एजेंट की भूमिका निभाने का आरोप है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
CID की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, JSSC-CGL मामले में पश्चिम बर्दवान जिले के केंदा क्षेत्र निवासी करीब 41 वर्षीय दिलीप कुमार पासवान को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान उसके खिलाफ कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में कथित रूप से अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े तथ्य और साक्ष्य सामने आने का दावा किया गया है।
यह कार्रवाई CID थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गई। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि दिलीप कुमार पासवान ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा से जुड़े करीब चार-पांच अभ्यर्थियों को आसनसोल स्थित एक होटल में प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। इस मामले में दिलीप कुमार पासवान के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही सीआईडी ने उसे रांची बुलाकर पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीआईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब जांच एजेंसी उससे यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां-कहां और किन लोगों तक पहुंचाई गई थी। जांच में इस पूरे लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है।
JPSC मामले में कोचिंग सेंटर संचालक गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई JPSC परीक्षा से जुड़े CID थाना कांड संख्या 16/2026 में हुई। इस मामले में CID ने प्राथमिकी अभियुक्त संजीत कुमार (38) को गिरफ्तार किया है। संजीत कुमार रांची के सर्कुलर रोड स्थित शिवांगन कोचिंग का संचालक है।
संजीत कुमार पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों को JPSC की परीक्षा पास करवाने का दावा करता था। उनकी सेटिंग के नाम पर उनसे वसूली करता था। वह JPSC की परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और संचालक रामबीर सिंह के संपर्क में था। JPSC परीक्षा से संबंधित मामले की जांच के दौरान संजीत कुमार की भूमिका कथित तौर पर एजेंट के रूप में सामने आई। जांच में उसकी संलिप्तता के तथ्य मिलने के बाद CID ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।






