
झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा। समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा लंबित कांडों के अनुसंधान और निष्पादन की समीक्षा की गई। एसपी ने आगामी त्योहारों को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने और असामाजिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।
एसपी ने दुर्गापूजा और दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिसकर्मी पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। संभावित चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नियमित गश्ती और निगरानी बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
पशु तस्करी पर रोक लगाने का निर्देश
अपराध गोष्ठी में एसपी ने सीमावर्ती थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पशु तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने मालखाना में रखे प्रदर्श और एनडीपीएस से संबंधित जब्त वस्तुओं का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। थाना में संधारित सभी पंजियों को समय पर अद्यतन रखने का निर्देश भी दिया गया।
नशाखोरी और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलेगा अभियान
एसपी ने सभी थाना और ओपी प्रभारियों को नशाखोरी, बाल विवाह, डायन-बिसाही तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों में जाकर आम लोगों तथा विद्यार्थियों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में पुलिस की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
वाहन जांच और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
सड़क सुरक्षा को लेकर एसपी ने नियमित अंतराल पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच करने तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। दुर्घटनाओं की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर वहां हादसों में कमी लाने के लिए विशेष उपाय करने को कहा गया। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित कांडों में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित विभाग को समय पर प्रस्ताव भेजने तथा कैदियों के फिंगरप्रिंट की प्रविष्टि नाफिस में अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया गया।
लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश
गोष्ठी के दौरान पिछले माह दर्ज कांडों की समीक्षा करते हुए एसपी ने अनुसंधान में तेजी लाने और लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। एससी-एसटी और पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए उनके अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। नक्सल कांडों का त्वरित निष्पादन करने तथा पेट्रोलिंग पार्टी की गतिविधियों और भ्रमण की निगरानी क्यूआर कोड के माध्यम से प्रभावी ढंग से करने को भी कहा गया।
एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को डीजीएसपी एवं आईजीएसपी कॉन्फ्रेंस पोर्टल पर थानावार आवश्यक प्रविष्टियां पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर प्राप्त करने, पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा वारंट और कुर्की का निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
साइबर अपराध सहित अन्य मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
एसपी ने चोरी, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, साइबर अपराध, एनडीपीएस, सीसीए और आईटी एक्ट से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा अनुसंधान में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा पीजी पोर्टल और अन्य संबंधित पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में गंभीरता बरतने को कहा गया। सभी अनुसंधानकर्ताओं को ई-साक्ष्य पर कांडों की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से करने का निर्देश भी दिया गया।
एसपी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था बनाए रखना, लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन तथा आम लोगों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी थाना और ओपी प्रभारियों को आमजनों की शिकायतों का समय पर निराकरण करने और संवेदनशीलता के साथ प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।







