
हाजीपुर ;: बिहार के वैशाली जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है जिसमें भोज खाने नाव पर सवार होकर जा रहे 13 बच्चों की मौत हो गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के वैशाली जिले में हुए भीषण नाव हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। पीएम मोदी ने इस त्रासदी को अत्यंत हृदयविदारक बताते हुए स्थानीय प्रशासन को प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वैशाली के राघोपुर दियारा क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक जल हादसे में 13 मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।
उत्सव की खुशियां मातम में तब्दील
सोमवार को राघोपुर थाना अंतर्गत रामपुर श्यामचंद इलाके से करीब 20 की संख्या में बच्चे और किशोर एक छोटी देशी नाव पर सवार होकर पास के गांव में आयोजित एक भोज समारोह में शामिल होने निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, क्षमता से कहीं अधिक वजन और गंगा की उफनती धारा के दबाव के चलते बीच नदी में नाव का संतुलन अचानक बिगड़ गया। पलक झपकते ही नाव पलट गई और उस पर सवार सभी मासूम गहरे पानी में समा गए।
चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन, 13 मासूमों के शव बरामद
हादसे के बाद घाट पर मौजूद ग्रामीणों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। सूचना मिलते ही राघोपुर थाना पुलिस, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीमें बोट्स और गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचीं। घंटों चले सघन तलाशी अभियान के बाद नदी से अब तक 13 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिन्हें पोस्टमार्टम और शिनाख्त की औपचारिक प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। अन्य की तलाश में जल पुलिस और बचाव दल लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं।
हादसे के मुख्य बिंदु:
ओवरलोडिंग बनी काल: एक छोटी नाव पर क्षमता से दोगुने यानी करीब 20 बच्चे और युवक सवार थे।
मृतकों का आंकड़ा: पानी से अब तक 13 बच्चों के शव निकाले जा चुके हैं।
सघन तलाशी अभियान: SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम अभी भी नदी के गहरे हिस्सों में रेस्क्यू में जुटी है।
जांच के आदेश: अवैध व असुरक्षित नौका संचालन को लेकर प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित परिवारों को राहत का भरोसा
गांव के दर्जनों घरों के चिराग एक साथ बुझ जाने से रामपुर श्यामचंद गांव में चूल्हा तक नहीं जला है। जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने घटनास्थल पर कैंप कर परिजनों को ढांढस बंधाया और आपदा प्रबंधन कोष के तहत अनुग्रह राशि व हरसंभव सरकारी मदद तुरंत मुहैया कराने की घोषणा की है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बच्चों से भरी नाव को नदी में उतारने की अनुमति कैसे दी गई।



