
रांची । डोरंडा स्थित देवेंद्र माझी चौक पर वीर देवेंद्र मांझी के 32 में पुण्यतिथि पर उनकी मूर्ति पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में आदिवासी और मूलवासी उपस्थित थे। मौके पर झारखंड आंदोलनकारी एवं रिएक्ट सेल्फ डिफेंस संगठन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश प्रसाद ने झारखंड सरकार से चाईबासा के कोल्हान यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर देवेंद्र मांझी यूनिवर्सिटी रखने का मांग किया। उन्होंने कहा कि देवेंद्र मांझी का जीवन गरीब, मजदूर, शोषित, दलित, दबे कुचले लोगों के लिए ही संघर्ष करते हुए बिता।

गणेश प्रसाद ने कहा कि झारखंड का इतिहास उठाकर देख लिया जाए तो कोल्हान में अनेक विद्रोह और आंदोलन हुए हैं। आज़ादी से पहले यहाँ हुए हो-विद्रोह और कोल विद्रोह अँग्रेज़ों के ख़िलाफ़ भारत में सबसे पहली लड़ाइयों में से एक माने जाते हैं। लेकिन आज़ाद भारत में भी यहाँ बड़े आंदोलन हुए और झारखंड के बनने में उन आंदोलनों की बड़ी भूमिका रही है। उन्हीं में से एक प्रमुख आंदोलन रहा है जंगल आंदोलन, और उसी आंदोलन के एक अग्रणी नेता देवेन्द्र मांझी की आज पुण्यतिथि है।
बुधवार को आयोजित पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी गणेश प्रसाद के साथ-साथ झारखंड आंदोलनकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राजू महतो, परवीन केरकेट्टा, अशफाक अंसारी, आशुतोष कुमार, पुष्कर महतो सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।




