
आकाश लोहार
गढ़वा
सरकारी दफ्तरों की चौखट पर अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले आम ग्रामीणों के लिए एक अधिकारी का संवेदनशील व्यवहार भी किसी बड़ी राहत से कम नहीं होता,क्योंकि जनता को सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ ही नहीं,बल्कि अपनी बात सुनने वाला एक जिम्मेदार अधिकारी भी चाहिए,जब किसी अधिकारी की कार्यशैली में संवेदनशीलता,सक्रियता और जनसेवा का भाव दिखाई देता है,तो सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा अपने आप मजबूत होने लगता है,कुछ ऐसी ही कार्यशैली को लेकर इन दिनों बरडीहा प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण सिंह की सराहना हो रही है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने बरडीहा बीडीओ प्रवीण सिंह की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा करते हुए उन्हें कर्मठ,संवेदनशील और जनसमस्याओं के प्रति गंभीर पदाधिकारी बताया है,उन्होंने कहा कि प्रवीण सिंह की सक्रियता,कार्यकुशलता और आम जनता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण ने ग्रामीणों के बीच विश्वास का एक नया वातावरण तैयार किया है।
धीरज दुबे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय आम जनता की समस्याओं के समाधान की पहली सीढ़ी होते हैं,प्रत्येक पंचायत के लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान इन्हीं कार्यालयों के माध्यम से संभव होता है,ऐसे में यदि अधिकारी और कर्मचारी आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करें,तो इससे न केवल ग्रामीणों को राहत मिलती है,बल्कि पूरी सरकारी व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है,इसका सकारात्मक प्रभाव सरकार की छवि पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बरडीहा प्रखंड में बीडीओ प्रवीण सिंह की सक्रियता और लगन से ग्रामीणों के बीच उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है,लंबे समय से सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाकर निराश हो चुके लोगों को अब अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद नजर आ रही है,आम ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनना और उनके समाधान के लिए पहल करना उनकी कार्यशैली की खास पहचान बन रही है।
धीरज दुबे ने आगे कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आर्थिक तंगी और तमाम परेशानियों से जूझ रहे आम लोगों के लिए सरकारी कार्यालयों में सम्मानपूर्वक सुनवाई होना भी बहुत बड़ी राहत है,जब कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी,संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करता है,तो इससे जनता का मनोबल बढ़ता है और समाज में ऐसे अधिकारियों के प्रति सम्मान का भाव पैदा होता है,उन्होंने कहा कि जनहित में बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली जनप्रतिनिधियों का भी उत्साह बढ़ाती है।
उपायुक्त से सम्मानित करने का आग्रह :- धीरज दुबे ने गढ़वा के उपायुक्त से विशेष आग्रह किया कि जनहित में बेहतर कार्य करने वाले ऐसे कर्मठ और संवेदनशील पदाधिकारियों को चिह्नित कर सम्मानित करने पर विचार किया जाना चाहिए,इससे न केवल अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा,बल्कि दूसरे अधिकारियों को भी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनसेवा करने की प्रेरणा मिलेगी,अंत में धीरज दुबे ने बरडीहा की जनता की ओर से बीडीओ प्रवीण सिंह को उनके सराहनीय कार्यों के लिए साधुवाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं,क्योंकि किसी अधिकारी की असली पहचान उसके पद और कुर्सी से नहीं,बल्कि जनता के बीच उसके व्यवहार,कार्यशैली और लोगों की समस्याओं के प्रति उसकी संवेदनशीलता से होती है।




