ह्यूस्टन: भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बुधवार को एक अन्य सहकर्मी के साथ तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुईं। इसके साथ ही दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले सदस्य बनकर इतिहास रच दिया। साथ ही सुनिता विलियम्स इस तरह के मिशन पर जाने वाली पहली महिला भी हैं।
सुनीता विलियम्स का स्टारलाइनर मिशन बुधवार (5 जून) को केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से भारतीय समय अनुसार रात 8 बजकर 22 मिनट पर लॉन्च हुआ। यह 6 जून रात 9 बजकर 45 पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचेगा। विलियम्स के साथ एक अन्य सहकर्मी, बुच विल्मोर भी गए हैं। 58 वर्षीय विलियम्स उड़ान परीक्षण की पायलट हैं, जबकि 61 वर्षीय बुच विल्मोर मिशन के कमांडर हैं। यह मिशन पहले कई बार प्रभावित हो चुका है।
मई 1987 में सुनीता विलियम्स ने अमेरिका की नौसेना अकादमी से प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद वे अमेरिका की नौसेना से जुड़ीं थीं। 1998 में उन्हें नासा द्वारा अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था। इससे पहले वर्ष 2006 और वर्ष 2012 में सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बन चुकीं हैं।