---Advertisement---

स्वतंत्रता दिवस पर असम को दहलाने की उग्रवादियों की मंशा फेल, 19 जगहों पर लगाए थे बम, फिर!

On: August 15, 2024 10:59 AM
---Advertisement---

एजेंसी: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर असम को को दहलाने की आतंक उग्रवादियों की बड़ी साजिश विफल हो गई है वरना आजादी का जश्न मातम के माहौल पर बदलते देर नहीं लगता।पुलिस ने सभी जगहों से बमों को ढूंढ निकाला और उन्हें निष्क्रिय कर दिया वरना बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था।

ULFA-I ने खुद इस साजिश की जिम्मेदारी ली है।

https://youtu.be/n57GwNW0hkE?si=5JUjogY_NAefsrfr

ULFA-I का कहना है कि वह असम में बम धमाका करके अपनी ताकत का अहसास दिलाना चाहते थे। उन्होंने 19 जगहों पर बम प्लांट किए थे, जो एक के बाद एक 6 बजे से 12 बजे के बीच में ब्लास्ट होते। हालांकि कुछ तकनीकी कारणों से हमारा यह ऑपरेशन फेल हो गया।

ULFA-I ने सभी बमों की तलाश करके इन्हें डिएक्टिवेट करने की गुजारिश की है। ULFA-I के अनुसार, इन बमों से आम जनता को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने सिर्फ असम में दहशत मचाने और सरकार को चुनौती देने के लिए यह साजिश रची थी।

वहीं इस कायराना हरकत का इल्जाम यूनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम- इंडिपेंडेंट (ULFA-I) ने लिया है। ULFA-I एक उग्रवादी संगठन है, जिसे बैन किया जा चुका है। खबरों की मानें तो असम के मुख्य शहरों गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, नागांव और शिवसागर सहित कई जगहों पर बम प्लांट किए गए थे।

ULFA-I ने DTO ऑफिस, ONGC गेट नंबर 5, डिब्रूगढ़ लकुवा तिनाली, ASTC, लखीमपुर ASTC, SP ऑफिस, लालुक डेली मार्केट, बारघाट पुलिस आउटपोस्ट, ननगांव मेडिकल कॉलेज, गुवाहाटी दिसपुर लास्ट गेट, गांधी मंडप, नरेंगी आर्मी कैंप, पान बाजार, जोरबाट ओवरब्रिज, भेटापारा, मालिगांव, राजगढ़, नलबारी और रंगिया में बम प्लांट किया था।

ULFA-I ने किया खुलासा

ULFA-I का प्लान फेल हो गया। 19 जगहों पर प्लांट किया गया कोई भी बम ब्लास्ट नहीं हुआ। ULFA-I ने पुलिस को बम की सटीक लोकेशन भी बताई। इससे पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सभी बमों को डिएक्टिवेट कर दिया है और एक बड़ा खतरा टाल दिया गया।

बता दें कि इसके पहले असम में सिलसिलेवार धमाकों से पिछले महीनो में हड़कंप मच गया था।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

Join WhatsApp

Join Now