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गढ़वा: मस्त्य विभाग के 240 योजनाओं को सर्वसम्मति से किया गया पारित

On: February 18, 2025 4:11 AM
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गढ़वा: भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंती मत्स्य संपदा योजना 2020-2021 से 2024-25 तक कुल 5 वर्षों के लिए प्रारम्भ की गई है। उपायुक्त गढ़‌वा शेखर जमुआर की अध्यक्षता में योजनाओं के चयन हेतु डिस्ट्रिक्ट लेवल कमिटी में विगत वित्तीय वर्षों में मत्स्य पालन की विभिन्न योजनाएँ जैसे रेसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम (RAS), बायोफ्लॉक मत्स्य पालन ईकाइयाँ, मत्स्य हेचरी का अधिष्ठापन, इंसुलेटेड मत्स्य परिवहन वाहन, आइस बॉक्स के साथ मोटरसाइकिल, मत्स्य आहार उत्पादन हेतु फिड मिल इत्यादि कुल 31 योजनाओं का चयन किया गया था, जिसमें कुछ योजनाएँ जैसे- बायोफ्लॉक में 5 इकाई (GEN- 3, SC-2, W-1) में 7.5 लाख इकाई लागत का 60:40 % अनुदान, स्मॉल RAS इकाई लागत 7.5 लाख का 60% अनुदान पर 1 महिला लाभुक का चयन एवं मत्स्य विक्रय हेतु आइस बॉक्स के साथ मोटर-साइकिल 75000/- यूनिट कॉस्ट का 60:40 अनुदान पर कुल 7 लाभुकों का चयन आदि है। उपायुक्त सह अध्यक्ष डीएलसी गढ़‌वा के द्वारा केन्द्र प्रयोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सफल संचालन का निर्देश दिया गया।

साथ ही योजना वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से धरती आभा जनजातिय उत्कर्ष अभियान (DAJGVA) प्रस्तावित अभियान में पूर्व चयनित ग्राम पंचायत में मत्स्य पालन करने वाले आदिम जनजाति समुदाय के लोगों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कम्पोनेंट (अवयव) को आगामी वितीय वर्ष में समाहित करते हुए प्राप्त प्रस्ताव में विभिन्न योजनाओं को उपायुक्त गढ़‌वा DLC में सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके तहत गढ़वा के ओबरा भदुआ ग्राम में अवस्थित अन्नराज जलाशय में 25 लाभुकों को केज मत्स्य पालन इकाईयों का अनुमोदन, जिसका इकाई लागत 3 लाख कुल 50 इकाईयां (150 लाख), चिनियाँ ब्लॉक के चिरका ग्राम में अवस्थित चिरका जलाशय में 25 लाभुकों को केज मत्स्य पालन इकाईयों का अनुमोदन, जिसका इकाई लागत 3 लाख, लगभग 150 लाख की लागत से input सहित कुल 300 लाख की परियोजना DLC में पारित की गई।

इसके अतिरिक्त जिन्दा मछली विक्रय केन्द्र का प्रस्ताव मत्स्य पालकों को मछली विक्रय हेतु सहु‌लियत को ध्यान में रखते हुए जिले में देने का प्रस्ताव पारित किया गया। सामुदायिक मत्स्यकी में 115 इकाईयाँ- प्रति एकाई लागत 4 लाख का 60% अनुदान लगभ 488 लाख की योजनाओं को पारित किया गया। उपायुक्त – सह – अध्यक्ष जिला चयन समिति (केन्द्र प्रायोजित मत्स्य पालन, गढ़वा) द्वारा अन्नराज जलाशय में अधिष्ठापित केज मत्स्य पालन परियोजना की प्रगति को देखते हुए जिला मत्स्य पदाधिकारी गढ़ता को खजुरी जलाशय मझिआँव में परियोजना तत्काल स्वीकृत करते हुए परियोजना (Project) दो दिनों में समर्पित करने का निदेश दिया गया। साथ ही केज मत्स्य पालन से मत्स्य उत्पादन एवं समुदायिक मत्स्य परिवारों, खास कर विस्थापितों को रोजगार एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्‌देश्य से आकांक्षी जिला निति आयोग के तहत स्वीकृति प्रदान की गई। मत्स्य पालन में गढ़ता जिला को आत्मनिर्भर रोजगार सृजन Inovation को दृष्टिपथ रखते हुए मीठे पानी का महाझींगा पालन हेतु जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया गया। उपायुक्त-सह-अध्यक्ष (DLC) गढ़वा श्री जमुआर द्वारा नीति आयोग से प्राप्त निधि से जिला मत्स्य पदाधिकारी गढ़वा को इस पद्धति का सफल संचालन करने का निदेश दिया गया। इस प्रकार प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, धरती आभा जनजातिय उत्कर्ष अभियान एवं आकांक्षी जिला नीति आयोग में कुल 240 योजनाओं को पारित किया गया।

उक्त बैठक में अपर समाहर्ता, राज महेश्वरम, निदेशक DRDA रविश राज सिंह, कार्यपालक अभियंता जलपथ प्रमण्डल, गढ़वा, जिला कृषि पदाधिकारी शिवशंकर प्रसाद, अग्रणी बैंक प्रबंधक, गढ़वा, परियोजना समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र गढ़वा, जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, धनराज कापसे एवं मत्स्य पालक के प्रतिनिधिगण आदि उपस्थित थे।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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