जमशेदपुर:करणी सेना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सिंह के हत्या के खुलासे के करीब SIT,1 दर्जन संदिग्ध हिरासत में

On: April 24, 2025 11:02 AM

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जमशेदपुर: करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सिंह की हत्या पूरे झारखंड में सुर्खियों पर है और इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग भी तेज चल रही है धरना प्रदूषण आंदोलन तक चल रहा है। इसी बीच खबर आ रही है कि इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कुछ अहम सबूत हाथ लग गए हैं। इस मामले में अब तक एसआईटी ने एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की संभावना है।
की जांच में जुटी SIT को कांड से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. उसे बाद पुलिस इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे के करीब बताई जा रही है. जांच में छनकर जो बड़ी बात सामने आई है उसके
सूत्रों के मुताबिक SIT की जांच हत्या का कारण जमीन खरीद बिक्री आ रहा है। मानगो आस्था स्पेस टाउन निवासी विनय सिंह की हत्या साजिशन की गई है। साजिशकर्ता ने फर्जी सिम कार्ड से व्हाट्सएप कॉल कर उन्हें जमीन दिखाने के बहाने गौड़गोड़ा (डिमना) बुलाया और वहां उनकी हत्या कर दी गई।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को घटनास्थल से पहले एनएच के पास का एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें विनय सिंह के साथ दो अलग-अलग स्कूटी पर कुछ संदिग्ध जाते दिखाई दे रहे हैं।
इसी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर तलाश की जा रही है और लगातार छापेमारी जारी है। इस बीच पुलिस शंकोसाई निवासी जमीन कारोबारी अमित श्रीवास्तव उर्फ जॉनी और रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी नेहाल सिंह समेत 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति को रांची से हिरासत में लिया गया है।
आशंका जताई जा रही है कि उसी के मोबाइल नंबर को हैक कर विनय सिंह को कॉल किया गया था।पुलिस की जांच में अमरनाथ सिंह गिरोह के कुख्यात अपराधियों निशु सिंह और छब्बू की संलिप्तता की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर पुलिस ने उनके परिजनों से भी पूछताछ की है, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके।
व्हाट्सएप कॉल और मोबाइल कॉल डिटेल में छेड़छाड़!
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद विनय सिंह के मोबाइल से कॉल डिटेल और व्हाट्सएप कॉल को डिलीट कर दिया गया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।हत्या से पहले उनके और अपराधियों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिससे उनके पैर में चोट लगी थी. सूत्रों के मुताबिक, विनय सिंह ने अमित श्रीवास्तव को एक फ्लैट के लिए पैसे दिए थे, जिसे अमित ने किसी और को बेच दिया. इसके बाद उसने विनय को गौड़गोड़ा में जमीन दिलाने का वादा किया. पुलिस को शक है कि इसी बहाने उन्हें बुलाकर हत्या की गई।