पलामू :जिले के पड़वा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की लगातार मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बीते 10 दिनों के भीतर हुई इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस ने मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत की असली वजह सामने नहीं आई है, लेकिन जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की 19 जून को सबसे पहले मौत हुई। इसके अगले दिन उनकी बेटी बबीता कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद 26 जून को दूसरी बेटी इंदु कुमारी, 28 जून को बहू श्वेता कुमारी और 29 जून को बेटे नकुल महतो की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। श्वेता और नकुल का इलाज रांची के रिम्स में चल रहा था। वहीं परिवार के तीन अन्य सदस्य अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
डॉक्टरों की शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी मरीजों के शरीर में पहले सूजन आने लगी थी, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। इसी कारण बीमारी को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि परिवार आधुनिक इलाज की बजाय झाड़-फूंक पर अधिक भरोसा करता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुलदीप महतो और उनकी बेटी की मौत के बाद भी परिवार इलाज कराने के बजाय लेस्लीगंज के पूर्णाडीह इलाके में झाड़-फूंक के लिए गया था। इसी दौरान लंबे समय से किसी विशेष प्रकार की राख खाने की बात भी सामने आई है। अब उस राख के नमूने जांच के लिए एकत्र किए जा रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने परिवार को कई बार अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन वे झाड़-फूंक का सहारा लेते रहे। अब गांव और पूर्णाडीह दोनों स्थानों पर टीम भेजकर खान-पान, रहन-सहन और अन्य संभावित कारणों की गहन जांच की जा रही है।
उधर, मेडिकल टीम ने शुरुआती तीन मृतकों का पोस्टमार्टम कर विसरा सुरक्षित रख लिया है। इन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा, जहां जांच के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
डॉक्टरों ने ड्रॉप्सी बीमारी की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि परिवार जिस सरसों के तेल का इस्तेमाल कर रहा था, उसकी जांच भी जरूरी है। यदि तेल में मिलावट पाई जाती है, तो वह भी इस घटना का बड़ा कारण हो सकता है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और मेडिकल विशेषज्ञ हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि इन पांच मौतों के पीछे रहस्यमयी बीमारी, जहरीला पदार्थ, दूषित तेल या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
पलामू: एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,10 दिनों में पांच लोगों की मौत से हड़कंप








