July 26, 2026

गढ़वा में यूरेनियम भंडार की तलाश, AMD कर रही सर्वेक्षण

image_editor_output_image557366509-1768114663380.jpg

गढ़वा: गढ़वा जिला आने वाले समय में देश के परमाणु खनिज मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है। जिले के विभिन्न हिस्सों में परमाणु खनिज यूरेनियम की संभावनाओं को लेकर बड़े संकेत सामने आए हैं। केंद्र सरकार की प्रमुख संस्था परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (AMD) की विशेषज्ञ टीम यहां गहन सर्वेक्षण और ड्रिलिंग कार्य में जुटी हुई है।
यह अन्वेषण कार्य रमना और डंडई प्रखंड के कई इलाकों में किया जा रहा है। रमना प्रखंड के चुंदी, भागोडीह और जिरुआ, जबकि डंडई प्रखंड के करके क्षेत्र में यूरेनियम की मौजूदगी का पता लगाने के लिए बहुस्तरीय तकनीकी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


तीन चरणों में हो रहा है यूरेनियम अन्वेषण


यूरेनियम की खोज एक जटिल और वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। एएमडी द्वारा इस क्षेत्र में पहले चरण में रीजनल सर्वे (G-4) किया गया, जिसमें बड़े भू-भाग पर भूवैज्ञानिक मानचित्रण और चट्टानों के नमूनों का अध्ययन किया गया। इसके बाद प्रारंभिक अन्वेषण (G-3) के तहत ड्रिलिंग कर यूरेनियम की उपस्थिति की पुष्टि की जा रही है।


वर्तमान में कई क्षेत्रों में G-3 से G-2 चरण तक का कार्य चल रहा है। यदि इस चरण में परिणाम सकारात्मक पाए जाते हैं, तो सामान्य अन्वेषण (G-2) के अंतर्गत और अधिक गहराई में ड्रिलिंग कर खनिज भंडार की मात्रा, गुणवत्ता और आर्थिक व्यवहार्यता का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।


5 वर्षीय कार्य योजना के तहत चल रहा सर्वे


यह पूरा अन्वेषण कार्य एएमडी की 5 वर्षीय कार्य योजना (2024-25 से 2028-29) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य गढ़वा क्षेत्र में यूरेनियम के संभावित भंडारों की पहचान करना और उनके तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर आगे की रणनीति तय करना है। विशेषज्ञों की टीम आधुनिक उपकरणों के साथ भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, नमूनाकरण और ड्रिलिंग कार्य कर रही है।


औद्योगिक और आर्थिक बदलाव की उम्मीद


यूरेनियम अन्वेषण की खबर से स्थानीय स्तर पर भविष्य में बड़े औद्योगिक और आर्थिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल जिले में किसी भी यूरेनियम खदान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अधिकारी स्पष्ट कर रहे हैं कि अभी यह प्रक्रिया केवल वैज्ञानिक अन्वेषण तक सीमित है।


सकारात्मक रिपोर्ट के बाद शुरू होगी वैधानिक प्रक्रिया
यदि G-2 चरण के नतीजे उत्साहजनक रहते हैं और यूरेनियम भंडार आर्थिक रूप से लाभकारी पाए जाते हैं, तो एएमडी अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद खनन पट्टा, पर्यावरणीय स्वीकृति और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं की शुरुआत की जा सकती है।


फिलहाल गढ़वा जिले में चल रहा यह सर्वेक्षण भविष्य की संभावित बड़ी परियोजनाओं की ओर इशारा कर रहा है, जिस पर सरकार और विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।

ख़बर को शेयर करें।