रांची: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित तेल संकट को लेकर दुनिया भर में चिंता का माहौल बना हुआ है। कई देशों में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं। इसी बीच भारत सरकार की ओर से आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
सरकार के अनुसार भारत के पास पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का भंडार मौजूद है और आपूर्ति की स्थिति भी सामान्य बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि देश में तेल की उपलब्धता सुरक्षित है और हालात लगातार बेहतर हो रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने या पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि भारत ने अपनी तेल आयात रणनीति में बदलाव किया है, जिससे आपूर्ति पर किसी एक मार्ग या क्षेत्र की निर्भरता कम हो सके। खास तौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता घटाने के लिए नए स्रोतों से तेल आयात बढ़ाया गया है। पहले भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज के अलावा अन्य क्षेत्रों से मंगाता था, जिसे अब बढ़ाकर करीब 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस बदलाव के जरिए भारत ने अपनी सप्लाई चेन को संभावित जोखिम से और ज्यादा सुरक्षित बना लिया है। सरकार का कहना है कि तेल आयात के वैकल्पिक स्रोतों को लगातार बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का देश की ऊर्जा आपूर्ति पर ज्यादा असर न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह रणनीति भविष्य के लिहाज से भी अहम साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ तेल आपूर्ति स्थिर रहेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भी सीमित रहेगा।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और अनावश्यक घबराहट में पेट्रोल-डीजल का भंडारण करने की कोशिश न करें। फिलहाल देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और आने वाले समय में भी इसे बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।














