
सड़कों की गड्ढ़ों की मरम्मति नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन की चेतावनी
जमशेदपुर। गोविंदपुर अन्ना चौक के समीप जर्जर सड़क और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लगातार हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर उतर आया। सोमवार सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क के बीच बने गड्ढों में पेड़-पौधे लगाकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क के गड्ढों में लगाए पेड़-पौधे
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति और जलजमाव की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए गड्ढों में पेड़-पौधे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
प्रशासन और कंपनियों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. परितोष सिंह ने जिला प्रशासन और स्थानीय कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जेमको चौक से अन्ना चौक तक करीब पांच बड़ी कंपनियां संचालित हो रही हैं, इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि सड़क पर जलजमाव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आम लोगों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो क्षेत्र की जनता को साथ लेकर बड़ा जन-आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे औद्योगिक क्षेत्र की आर्थिक नाकेबंदी का निर्णय भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित कंपनियों की होगी।
सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में जम्मी भास्कर, पिंकी सिंह, रमन सिंह, राजबान सिंह, गोविंदा लोहरा, इंद्रजीत सिंह और दिनेश सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय बस्तीवासी शामिल हुए। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत, जलजमाव की समस्या दूर करने और भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की हालत जल्द नहीं सुधारी गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।






