ढाका/नरसिंदी: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला नरसिंदी जिले से सामने आया है, जहां चारसिंदुर बाजार में किराने की दुकान चलाने वाले मणि चक्रवर्ती (40) की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। बीते 24 घंटों में हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने का यह दूसरा मामला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार रात मणि चक्रवर्ती अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। वारदात पलाश उपजिले के एक व्यस्त बाजार क्षेत्र में हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
हमले में मणि चक्रवर्ती को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में या अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है और प्रशासन की ओर से इस हत्याकांड पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
24 घंटे में दूसरा हिंदू बना निशाना
इससे एक दिन पहले ही 5 जनवरी को जेसोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला स्थित कपालिया बाजार में राणा प्रताप बैरागी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब पौने छह बजे अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी केशवपुर उपजिला के अरुआ गांव के निवासी थे और किसी सामान्य काम से बाजार आए हुए थे।
सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ी हिंसा
मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शेख हसीना की सरकार जाने के बाद से बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्व और अधिक सक्रिय हो गए हैं। अंतरिम सरकार के दौर में कानून-व्यवस्था कमजोर होने का फायदा उठाकर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। कई मामलों में ईशनिंदा जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, तो कहीं निजी रंजिश को सांप्रदायिक रंग देकर हिंसा को अंजाम दिया जा रहा है।
हाल के महीनों में हिंदुओं पर हमलों की लंबी सूची
बांग्लादेश में बीते कुछ महीनों में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हुए हमलों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है
दिसंबर 2025: मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या, बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या, अमृत मंडल की भीड़ हिंसा में मौत
जनवरी 2026: शरियतपुर में खोकोन दास को जिंदा फूंकने की घटना, जेसोर में राणा प्रताप बैरागी की सरेआम गोली मारकर हत्या, नरसिंदी में मणि चक्रवर्ती की चाकू घोंपकर हत्या
सुरक्षा को लेकर गहराती चिंता
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजर भी अब इन घटनाओं पर टिकी है। स्थानीय हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल है, जबकि प्रशासन की चुप्पी चिंता को और बढ़ा रही है।












