शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर गढ़वा जिले के रमना प्रखंड क्षेत्र के बगोंधा टोला में मंगलवार की रात एक शादी समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब जयमाला से लेकर लगभग सभी वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन ने ऐन सिंदूरदान के वक्त शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन के फैसले के बाद शादी का माहौल अचानक तनाव और अफरा-तफरी में बदल गया। पूरी रात पंचायत, समझाइश और बातचीत का दौर चलता रहा, लेकिन युवती अपने निर्णय पर अडिग रही। अंततः दूल्हा पक्ष को बिना दुल्हन के ही बारात वापस ले जानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार रमना थाना क्षेत्र के बगोंधा टोला निवासी सुखट राम की पुत्री पुष्पा कुमारी की शादी गढ़वा थाना क्षेत्र के जुबैरिया गांव निवासी दशरथ राम उर्फ बसंत राम के पुत्र दीपक कुमार रवि के साथ तय हुई थी। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार की रात बारात गाजे-बाजे और धूमधाम के साथ लड़की के दरवाजे पहुंची। बारात का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इसके बाद जयमाला कार्यक्रम भी हंसी-खुशी संपन्न हुआ।
विवाह मंडप में पंडित के मंत्रोच्चार के बीच शादी की रस्में चल रही थीं। परिवार और रिश्तेदार खुशी के माहौल में विवाह समारोह का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान जब सिंदूरदान की रस्म शुरू हुई और दूल्हा दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने लगा, तभी दुल्हन ने अचानक उसका हाथ रोक दिया और साफ शब्दों में शादी करने से इनकार कर दिया।
दुल्हन के इस फैसले से मंडप में सन्नाटा छा गया। कुछ देर के लिए किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। देखते ही देखते शादी समारोह में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग युवती को समझाने में जुट गए। काफी देर तक उसे मनाने की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुई। इसके बाद लड़का मोटरसाइकिल उठाकर घर चला गया।
घटना की सूचना मिलते ही गांव के कई गणमान्य लोग, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि विरंची पासवान तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। पूरी रात पंचायत और बातचीत का दौर चलता रहा। लोगों ने लड़की को समझाकर शादी के लिए तैयार करने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही।
मामला बढ़ता देख लड़के के पिता दशरथ राम उर्फ बसंत राम ने स्थानीय थाना को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद सुलझाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस हस्तक्षेप के बाद भी युवती शादी के लिए राजी नहीं हुई।
सुबह होने तक स्थिति जस की तस बनी रही। आखिरकार दूल्हा पक्ष को भारी निराशा के साथ बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ग्रामीणों के बीच यह मामला दिनभर चर्चा का केंद्र बना रहा।
बताया जा रहा है कि युवती के शादी से इनकार करने के पीछे की वजह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ सकी है। हालांकि गांव में इसे प्रेम प्रसंग व कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामला शांत करा दिया गया है।
गढ़वा! सिंदूरदान से पहले दुल्हन ने रोका हाथ, रातभर चली पंचायत; बिना दुल्हन लौटी बारात














