नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के घरेलू गैस बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। रसोई गैस की बढ़ती मांग और सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग को लेकर नया नियम लागू कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब घरेलू उपभोक्ता पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के बाद 21 दिन पूरे होने से पहले नया LPG सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। यह फैसला हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी पैनिक बुकिंग को रोकने और सप्लाई व्यवस्था को संतुलित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
दरअसल, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए कई शहरों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने तय समय से पहले ही सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया था। अचानक बढ़ी मांग के कारण गैस वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बनने लगा था। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तेल कंपनियों ने यह कदम उठाया है।
सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी
इस बीच शुक्रवार रात दिल्ली में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा किया गया। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। ऊर्जा कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू कीमतों में संशोधन करना पड़ा है।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल है। यह क्षेत्र दुनिया के बड़े तेल और गैस सप्लायर देशों का केंद्र है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। इसी वजह से भारत सहित कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। लोगों में यह आशंका भी देखी जा रही है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
LNG सप्लाई को लेकर भी बढ़ी अनिश्चितता
ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की एक वजह कतर से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई को लेकर सामने आई खबरें भी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और कुछ हमलों के कारण LNG से जुड़े बुनियादी ढांचे पर असर पड़ा है।
बताया जा रहा है कि कतर ने कुछ देशों को सप्लाई को लेकर ‘फोर्स मेज्योर’ नोटिस भी जारी किया है। हालांकि भारत के पास LNG के कई वैकल्पिक स्रोत मौजूद हैं, लेकिन इस घटनाक्रम ने एशिया के ऊर्जा बाजार में चिंता जरूर बढ़ा दी है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत के घरेलू ऊर्जा बाजार और कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।













