
जमशेदपुर: गायत्री ज्ञान मंदिर भालूबासा में नवयुगदल युवा प्रकोष्ठ एवं प्रज्ञा महिला मण्डल क़े भाई बहनों ने सामूहिक रक्षा बंधन का पावन पर्व बड़े उत्साह -उमंग क़े साथ मनाया।

माँ गायत्री एवं परमपूज्य गुरुदेव, तथा परम वंदनिया माता जी क़े समक्ष आ. श्री मुन्ना पाण्डेय जी, आ. श्री बी एन पाण्डेय जी, आ. श्री लक्ष्मण भगत जी, आ. श्री राजा राम जी एवं आ. श्री संतोष राय जी क़े करकमलों द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्जवलन कर समारोह का शुभारम्भ हुआ।

तत्पश्चात श्रीमती जाग्रति जी ने युग संगीत का गायन कर एक भावनात्मक वातावरण बनाया। श्रीमती रंजीता राय जी ने सतसंकल्प का पाठ किया एवं सभी उपस्थित भाई बहनों ने उसे दुहराया।

सतसंकल्प को आत्मसात करने क़े लिए सभी संकल्पित हुए। रक्षा बंधन क़े पावन पर्व पर अपने सन्देश में आ. श्री शशिशेखर प्रसाद सिंह एवं सुश्री प्रियंका गुप्ता जी ने रक्षा बंधन क़े पावन पर्व क़े महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाई बहन क़े अटूट स्नेह का प्रतिक यह पावन पर्व हमारी सनातन संस्कृति में स्नेह, पवित्र प्रेम एवं जिम्मेदारी का अहसास कराता है। सनातन संस्कृति में प्रत्येक रिस्ता अपने गौरव का बोध कराता है। बहन सदा यह अनुभव करती है कि जहाँ मै जन्मी, जहाँ हमने बोलना सीखा, जहाँ चलना सिखा, जिस परिवेश से हमारे अंदर बिभिन्न सम्बन्धों का बोध हुआ, जहाँ से हमने प्यार पाया तथा हनारे अंदर सांस्कृतिक चेतना का उदभव हुआ उसका विवाह क़े पश्चात भी रक्षा बंधन क़े इस पावन पर्व क़े साथ भाई बहन का प्यार और स्नेह का अटूट बंधन बना रहता है।अपने व्यस्त जिम्मेदारियों से समय निकाल कर सभी बहनें अपने बचपन क़े उन यादों को साझा करती हैँ, जो उन्होने साथ में बिताया था। आज बड़े ही उत्साह पूर्ण वातावरण में गायत्री परिवार कि बहनो ने नवयुगदल युवा प्रकोष्ठ क़े भाईओं के कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उनके एवं उनके परिवार के हेतु पूज्य गुरु चरणों में प्रार्थना कि। भाईओं ने इस अवसर पर बहनो को उपहार दिए एवं उनके एवं उनके परिवार क़े उज्जवल भविष्य कि कामना कीं। तत्पश्चात सामूहिक आरती एवं शांति पाठ क़े साथ यह आयोजन पूर्ण हुआ।इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर में सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया। अंत में आ. श्री ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।





