
आकाश लोहार
गढ़वा
कुछ विदाइयां ऐसी होती हैं,जिनकी खबर सुनकर शब्द भी खामोश हो जाते हैं,कुछ चेहरे ऐसे होते हैं,जिनका दुनिया से चले जाना केवल एक परिवार को नहीं,बल्कि पूरे समाज को भीतर तक झकझोर देता है और जब किसी कलम के सिपाही की असमय विदाई होती है,तो यह सिर्फ एक जिंदगी का अंत नहीं,बल्कि पत्रकारिता जगत की एक ऐसी आवाज का खामोश हो जाना होता है,जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती है,ऐसी ही एक दुखद घड़ी में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं गढ़वा के पूर्व विधायक मिथिलेश कुमार ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार रजनीश ठाकुर उर्फ बंटी ठाकुर के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
वरिष्ठ पत्रकार बंटी ठाकुर के असमय निधन की खबर से मर्माहत पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर उनके आवास पर पहुंचे,यहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और इस असहनीय दुख की घड़ी में परिवार के सदस्यों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा किया,उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए,इस दौरान माहौल गमगीन रहा,अपनों को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता,किसी परिवार के लिए अपने प्रिय सदस्य को खोना जीवन का ऐसा दुख है,जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होती,ऐसे समय में किसी का साथ,संवेदना के दो शब्द और दुख की घड़ी में परिवार के बीच पहुंचना अपने आप में बहुत मायने रखता है।
पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार रजनीश ठाकुर उर्फ बंटी ठाकुर के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया,उन्होंने कहा कि उनका असमय निधन बेहद दुखद और पीड़ादायक है,पत्रकार समाज का आईना होता है,अपनी लेखनी,विचारों और जनहित से जुड़े मुद्दों के माध्यम से वह समाज को दिशा देने का काम करता है,ऐसे में एक वरिष्ठ पत्रकार का यूं असमय दुनिया से चले जाना पत्रकारिता जगत के लिए कभी न पूरी होने वाली क्षति है,बंटी ठाकुर आज हमारे बीच नहीं हैं,लेकिन किसी इंसान की पहचान केवल उसकी मौजूदगी से नहीं,बल्कि उसके विचारों,उसके कार्यों और लोगों के दिलों में छोड़ी गई अपनी यादों से होती है,वक्त गुजर जाएगा,दिन बदल जाएंगे,लेकिन उनके जाने से पैदा हुई रिक्तता को भर पाना आसान नहीं होगा।
आज जरूरत इस बात की है कि इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार को संबल मिले और उन्हें इस असहनीय पीड़ा से उबरने की शक्ति प्राप्त हो,पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति,धैर्य और संबल प्रदान करें।




