
दयानंद आर्य वैदिक लीलावचन पब्लिक स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन, बच्चों की कलात्मक प्रतिभा ने मोहा मन
आकाश लोहार
गढ़वा
त्योहार केवल घरों को रोशन करने का नाम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, उनकी कल्पनाओं और छिपी प्रतिभाओं को रंग देने का भी अवसर होते हैं। जब नन्हे-नन्हे हाथ रंगों से अपनी कल्पनाओं को आकार देते हैं, तो हर तस्वीर एक कहानी कहती है। कुछ ऐसा ही खूबसूरत नजारा दीपावली के पावन अवसर पर दयानंद आर्य वैदिक लीलावचन पब्लिक स्कूल में देखने को मिला, जहां छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक हुनर से रंगों की ऐसी दुनिया सजाई कि हर कोई उनकी प्रतिभा की सराहना करने को मजबूर हो गया।
दीपावली के अवसर पर विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच आकर्षक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। किसी ने रंगों की खूबसूरत सजावट की, तो किसी ने फूलों और आकर्षक डिजाइनों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को जमीन पर उतार दिया। बच्चों की बनाई गई मनमोहक रंगोलियों ने विद्यालय परिसर को दीपावली के रंगों और उत्सवी उल्लास से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक सुरेंद्र विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनके अंदर छिपी प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और निखारने का अवसर प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, कलात्मक सोच, अनुशासन और आपसी सहयोग की भावना विकसित करती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों के प्रतीक हैं। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी परंपराओं और संस्कृति का महत्व समझ सकें।
वहीं, विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार ने बच्चों के उत्साह, मेहनत और कलात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों की प्रतिभा को नया आयाम मिलता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में रिजवान अंसारी, अनूप राम, नागेंद्र प्रसाद ठाकुर, विश्वजीत कुमार अंबष्ट, शमा परवीन, प्रियंका कुमारी, राधिका कुमारी, फरहाना खातून एवं नीरावती कुंवर उपस्थित रहीं। वहीं कर्मचारियों में बलराम शाह, अंकित कुमार पासवान, अंजू देवी, रोशन कुमार सिंह और राकेश कुमार सिंह की भी सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उनके जीवन में सुख, समृद्धि, ज्ञान, सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
रंगोली के इन रंगों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बच्चों की प्रतिभा को जब सही अवसर और प्रोत्साहन मिलता है, तो उनकी कल्पनाएं भी खूबसूरत हकीकत बनकर सामने आती हैं।





