July 26, 2026

क्रिकेट फैन्स को बड़ा झटका, IPL टिकट्स पर लगेगा 40% GST

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40% GST on IPL Tickets: भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि क्रिकेट का महापर्व है। 2008 में शुरुआत के बाद से ही यह टी20 लीग लोकप्रियता और कमाई के मामले में लगातार नई ऊँचाइयों को छूती रही है। आज इसकी ब्रांड वैल्यू 10 अरब डॉलर से अधिक आँकी जाती है। लेकिन अब इस लीग को एक नई और बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने आईपीएल को 40% जीएसटी स्लैब में शामिल कर दिया है। यह दर भारत के सबसे ऊँचे कर वर्ग में आती है। सरकार का तर्क है कि आईपीएल अब केवल खेल आयोजन भर नहीं रहा, बल्कि यह एक विशाल व्यावसायिक गतिविधि है, जिसमें अरबों रुपये का निवेश और लेन-देन होता है। ऐसे में इसे उच्चतम कर वर्ग में शामिल करना उचित है।

सरकार का दावा है कि इस टैक्स से होने वाली अतिरिक्त आय का उपयोग खेल विकास योजनाओं और देश की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने में किया जाएगा।

आईपीएल की कमाई और कारोबार

प्रसारण अधिकार (2023-27): लगभग ₹48,390 करोड़

वार्षिक आय: टिकट बिक्री, प्रायोजकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हर साल हज़ारों करोड़

ब्रांड वैल्यू: 10 अरब डॉलर से ज्यादा

असर टीमों और आयोजकों पर

40% जीएसटी दर लागू होने के बाद टीम मालिकों और आयोजकों पर बड़ा आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। खिलाड़ियों की नीलामी पर पहले से ही करोड़ों खर्च होते हैं। स्टेडियम किराया, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य खर्च भी भारी होते हैं। अब बढ़ा टैक्स उनकी लागत को और ज्यादा बढ़ा देगा। फ्रेंचाइजियों के सामने विकल्प होगा कि या तो वे संचालन खर्चों में कटौती करें या दर्शकों और प्रायोजकों से अधिक कमाई के नए रास्ते ढूँढें।

दर्शकों की जेब पर सीधा असर

आईपीएल की सबसे बड़ी ताकत इसके करोड़ों दर्शक हैं। लेकिन टैक्स बढ़ने का असर उनकी जेब पर साफ दिखाई देगा। टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। टीवी और डिजिटल सब्सक्रिप्शन पैकेज महंगे हो सकते हैं। टीम मर्चेंडाइज और स्मृति चिह्नों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

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