झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चित्तविश्राम गांव निवासी एवं डाक विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी, पूर्व पोस्टमास्टर गिरिजा पांडेय (68 वर्ष) का बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पैतृक गांव चित्तविश्राम में ही अंतिम सांस ली।
स्व. पांडेय अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र, पुत्रवधू तथा तीन पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे, जिसके कारण क्षेत्र में उन्हें काफी सम्मान प्राप्त था। अपने सरल, सौम्य, ईमानदार और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए वे लोगों के बीच विशेष पहचान रखते थे।
डाक विभाग में लंबे समय तक सेवा देने के दौरान उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल पेश की। उनके व्यवहार और कार्यशैली के कारण गांव सहित पूरे क्षेत्र में लोग उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते थे। शिक्षा के प्रति भी उनका विशेष लगाव था और वे बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए हमेशा प्रेरित करते रहते थे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव में गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों का तांता लग गया। शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे लोगों ने उनके सरल स्वभाव और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्व. पांडेय का अंतिम संस्कार चित्तविश्राम गांव स्थित लौंगा नदी मुक्तिधाम में किया गया। उनके इकलौते पुत्र श्यामनाथ पांडेय उर्फ गुड्डू ने मुखाग्नि दी।
परिजनों ने बताया कि वे लंबे समय से कैंसर एवं मोतियाबिंद जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका उपचार कोलकाता और रांची में चल रहा था। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में मातम का माहौल है।
शोकाकुल परिवार में जितेंद्रनाथ पांडेय, शिवकुमार पांडेय, रामनिवास पांडेय, श्रीकांत पांडेय, रामनाथ पांडेय, शशिकांत पांडेय, कैशलेश पांडेय, निखिल पांडेय, सौरभ कुमार, ऋषभ पांडेय समेत बड़ी संख्या में परिजन एवं शुभचिंतक शामिल हैं।
पूर्व पोस्टमास्टर गिरिजा पांडेय का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर













